FACT CHECK: सावन के महीने में मटन पार्टी...केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पर भड़के पीएम मोदी? जानें क्या है वायरल VIDEO की असली सच्चाई
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता ललन सिंह की सावन में मटन पार्टी की जमकर आलोचना की है.
FACT CHECK: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता ललन सिंह की सावन में मटन पार्टी की जमकर आलोचना की है. लेकिन जब इस वायरल वीडियो की पड़ताल की गई, तो हकीकत कुछ और ही निकली. असल में, जिस वीडियो को ललन सिंह से जोड़ा जा रहा है, वह 12 अप्रैल 2024 का है. उस समय पीएम मोदी ने लालू यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दिल्ली में हुई मटन पार्टी का जिक्र किया था, जो साल 2023 में सावन के महीने में हुई थी.
उस दौरान लालू ने राहुल गांधी के लिए मटन पकाया था और खुद राहुल ने उसका वीडियो शेयर किया था. अब सवाल यह है कि ललन सिंह का जिक्र कहां से आ गया?
क्या पीएम मोदी ने ललन सिंह की मटन पार्टी पर नाराजगी जताई?
यहां है असली और पूरा वीडियो
क्यों वायरल किया जा रहा फर्जी वीडियो?
दरअसल, 16 जुलाई 2025 को बिहार के लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा में ललन सिंह और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी एक कार्यक्रम में पहुंचे थे. मंच से ललन सिंह ने कहा कि “खाने का बढ़िया इंतजाम है, सावन वालों के लिए भी और बाकी लोगों के लिए भी.”
बस, इसी के बाद से सियासत गर्म हो गई और पुराने वीडियो को जोड़कर भ्रामक जानकारी फैलाई जाने लगी.
वीडियो में पीएम मोदी क्या कह रहे हैं?
वायरल हो रही क्लिप में पीएम मोदी कहते हैं, “सावन में मटन बनाने का मजा ले रहे हैं, वीडियो बनाकर लोगों को चिढ़ा रहे हैं.” लेकिन यह बात उन्होंने ललन सिंह नहीं, बल्कि कांग्रेस और आरजेडी नेताओं के संदर्भ में कही थी.
फैक्ट चेक में यह भी सामने आया कि जो तस्वीर ललन सिंह की भोज वाली वीडियो में दिखाई जा रही है, वह 14 मई 2023 की है, जब उन्होंने मुंगेर में महागठबंधन कार्यकर्ताओं के लिए भोज कराया था. यानी तस्वीर भी पुरानी और पीएम मोदी का बयान भी अलग संदर्भ का.
एडिट करके फैलाई गई फर्जी VIDEO
नतीजा साफ है कि पीएम मोदी ने ललन सिंह पर कोई सीधा हमला नहीं किया. इसके साथ ही वायरल हो रही वीडियो भ्रामक तरीके से एडिट कर फैलाई गई है.
इसलिए जरूरी है कि सोशल मीडिया पर दिख रहे हर दावे पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और पहले उसकी सच्चाई जांच लें.