Kaushambi: सिहोरी टोल प्लाजा पर एलपीजी टैंकर धमाके में मृतकों की संख्या हुई 5, सीसीटीवी में कैद हुआ था खौफनाक मंजर

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा पर 26 जून को हुए भीषण एलपीजी टैंकर विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है. ओवरटेक करने के प्रयास में अनियंत्रित हुआ टैंकर डिवाइडर से टकरा गया था, जिसके बाद गैस रिसाव से भड़की आग ने पूरे टोल परिसर को अपनी चपेट में ले लिया.

एलपीजी टैंकर ब्लास्ट (Photo Credits: X)

कौशांबी: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कौशांबी (Kaushambi) जिले से गुजरने वाले कानपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग (Kanpur-Varanasi National Highway) पर स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर बीते 26 जून को हुए भीषण एलपीजी गैस टैंकर (LPG Gas Tanker) हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़कर पांच हो गया है. कोखराज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस टोल प्लाजा पर एक अनियंत्रित गैस टैंकर के डिवाइडर से टकराने के बाद जोरदार धमाका हुआ था. हादसे के बाद भड़की आग की भयावह लपटों और धुएं के गुबार को दो किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता था. इस पूरी घटना का दिल दहला देने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें आग की लपटें तेजी से फैलती और लोगों को जान बचाकर भागते देखा जा सकता है. यह भी पढ़ें: यूट्यूबर मनीष कश्यप का दावा: E20 एथेनॉल पेट्रोल ने 12,000 KM में ही खराब कर दी नई टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस, वारंटी देने से इनकार (Watch Video)

ओवरटेकिंग के प्रयास में पलटा तेज रफ्तार टैंकर

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा 26 जून की सुबह करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुआ. एलपीजी (LPG) गैस से भरा यह टैंकर कानपुर से प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था. सिहोरी टोल प्लाजा के पास पहुंचते ही लगभग 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहे टैंकर के चालक ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया. इसी दौरान गाड़ी पर से नियंत्रण खो गया और टैंकर बीच के केंद्रीय डिवाइडर से टकराकर पलट गया और सीधे टोल बूथ के केबिन से जा भिड़ा.

कौशांबी में एलपीजी गैस टैंकर हादसा

गैस रिसाव के तुरंत बाद हुआ महाविस्फोट

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पलटने के तुरंत बाद ही टैंकर के वाल्व और चैंबर से एलपीजी गैस का भारी रिसाव (Leakage) शुरू हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से कुछ मिनट पहले ही हल्की बारिश हुई थी. गैस रिसाव के कुछ ही सेकंड के भीतर एक भयानक विस्फोट हुआ और पूरा टैंकर आग के गोले में तब्दील हो गया.

आग इतनी तेजी से फैली कि उसने टोल प्लाजा के यार्ड, कंट्रोल रूम और पास के टॉयलेट ब्लॉक को अपनी चपेट में ले लिया. टोल परिसर में खड़ी कर्मचारियों की 16 से अधिक मोटरसाइकिलें और दो कारें जलकर पूरी तरह राख हो गईं.

मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 5, कई गंभीर रूप से झुलसे

हादसे के वक्त टोल प्लाजा पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी और वहां से गुजर रहे राहगीर इस अचानक भड़की आग में फंस गए. शुरुआती घटनाक्रम में टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे और टोल कर्मी आलोक सिंह की मौके पर ही झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई थी.

कौशांबी के पुलिस अधीक्षक (SP) सत्यनारायण प्रजापत के अनुसार, इस दुर्घटना में कुल आठ लोग झुलसे थे, जिनमें से गंभीर रूप से घायल छह कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल रेफर किया गया था. अस्पताल में इलाज के दौरान दो और गंभीर रूप से झुलसे घायलों ने दम तोड़ दिया, जिससे इस भीषण त्रासदी में जान गंवाने वालों की कुल संख्या अब पांच तक पहुंच गई है.

प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा जांच

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जिला पुलिस बल के साथ फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आग की विभीषिका इतनी तीव्र थी कि शुरुआत में कूलिंग ऑपरेशन चलाने में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका. इस हादसे के कारण नेशनल हाईवे पर करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा.

प्रशासन ने इस पूरे मामले की कूटनीतिक जांच के लिए जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) और एक विशेष तकनीकी टीम (Technical Team) को नियुक्त किया है, जो इस बात की जांच कर रही है कि टैंकर में सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया गया था या नहीं.

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