क्या पीएम नरेंद्र मोदी दे रहे हैं स्वतंत्रता दिवस पर ₹5,000 कैश ग्रांट? PIB ने बताया वायरल दावा पूरी तरह फर्जी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के संदेश फिशिंग स्कैम का हिस्सा होते हैं. इनका मकसद लोगों को सरकारी योजना का झांसा देकर उनकी बैंकिंग डिटेल्स, UPI जानकारी, OTP या अन्य निजी जानकारी हासिल करना होता है. कई मामलों में ऐसे लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल या बैंक खाते की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है.
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोगों को ₹5,000 का कैश ग्रांट दे रहे हैं. इस पोस्ट में लोगों से बैंक खाते की जानकारी भरने और एक लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जा रहा है. हालांकि, यह दावा पूरी तरह फर्जी है. प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने इस दावे का खंडन किया है. यह भी पढ़ें: Independence Day 2026: 15 अगस्त के बाद तिरंगे का क्या करें? जानें सही तरीके से मोड़ने, रखने और सम्मानपूर्वक निस्तारण करने के नियम
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है दावा
वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर नागरिक को ₹5,000 का कैश ग्रांट दिया जा रहा है. इसके लिए लोगों को एक लिंक पर क्लिक कर बैंक खाते और अन्य निजी जानकारी भरने के लिए कहा जा रहा है.
नहीं, पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस पर कोई नकद अनुदान नहीं दे रहे हैं:
PIB फैक्ट चेक ने बताया फर्जी
PIB Fact Check ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी किसी भी स्वतंत्रता दिवस कैश ग्रांट योजना की घोषणा या समर्थन नहीं किया है. PIB ने लोगों से ऐसे भ्रामक संदेशों और लिंक से सावधान रहने की अपील की है.
फिशिंग स्कैम का हिस्सा है वायरल पोस्ट
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के संदेश फिशिंग स्कैम का हिस्सा होते हैं. इनका मकसद लोगों को सरकारी योजना का झांसा देकर उनकी बैंकिंग डिटेल्स, UPI जानकारी, OTP या अन्य निजी जानकारी हासिल करना होता है. कई मामलों में ऐसे लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल या बैंक खाते की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है.
क्या करें अगर ऐसा मैसेज मिले?
अगर आपको इस तरह का कोई मैसेज या लिंक मिले, तो उस पर क्लिक न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें. किसी भी सरकारी योजना की पुष्टि हमेशा संबंधित सरकारी वेबसाइट या PIB Fact Check जैसे आधिकारिक स्रोतों से ही करें.
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर ₹5,000 कैश ग्रांट देने का दावा पूरी तरह फर्जी है. यह लोगों को ठगने के लिए फैलाया जा रहा एक फिशिंग स्कैम है. ऐसे संदेशों से सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक पर अपनी निजी या वित्तीय जानकारी साझा न करें.