VIDEO: आजमगढ़ में वेंटिलेटर पर हेल्थ सिस्टम! टीबी मरीज जमीन पर बैठकर खुद ले रहा ऑक्सीजन, अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत सामने रख दी है. जिला मंडलीय अस्पताल में टीबी से पीड़ित एक मरीज को जमीन पर बैठकर ऑक्सीजन लेते देखा गया.
Azamgarh Hospital TB Patient: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत सामने रख दी है. जिला मंडलीय अस्पताल में टीबी से पीड़ित एक मरीज को जमीन पर बैठकर ऑक्सीजन लेते देखा गया. वायरल हो चुके इस वीडियो में मरीज की हालत नाजुक है और वो ठिठुरते हुए जमीन पर ऑक्सीजन पाइप लगाए बैठा है. इस दिल दहला देने वाले नजारे ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस वीडियो को X (ट्विटर) पर साझा करते हुए योगी सरकार पर तीखा हमला बोला.
उन्होंने सवाल किया कि “स्वास्थ्य मंत्री जी को ये मरीज दिख रहा है क्या?” इस एक सवाल ने पूरे हेल्थ सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है.
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स्वास्थ्य मंत्री जी को ये मरीज दिख रहा है क्या: अखिलेश यादव
स्वास्थ्य मंत्री जी को ये मरीज़ दिख रहा है क्या? pic.twitter.com/UXKBZYBTEq
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 19, 2025
ऑक्सीजन के लिए फर्श पर क्यों उतरा मरीज?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहा शख्स राजू यादव है, जो आजमगढ़ के तरवां का रहने वाला है. उसे 17 जुलाई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया जा रहा है कि राजू को गंभीर चेस्ट इन्फेक्शन है और वो टीबी से पीड़ित है. लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल में उचित देखभाल न मिलने की वजह से वह ऑक्सीजन के सहारे जमीन पर बैठा है.
अस्पताल प्रशासन की सफाई भी सामने आई
वहीं, अस्पताल प्रशासन की सफाई भी सामने आई है।.मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि मरीज ने बेड पर ही टॉयलेट कर दिया था, इसलिए चादर बदली जा रही थी. इसी बीच वह अपनी पत्नी के इंतजार में नीचे उतर आया और तभी किसी ने वीडियो बना लिया. उन्होंने इसे मरीज की गोपनीयता का उल्लंघन बताते हुए वीडियो बनाने वालों की निंदा की.
वीडियो वायरल होने पर विभाग में मचा हड़कंप
हालांकि मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. अस्पताल प्रशासन ने संबंधित सिस्टम इंचार्ज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. साथ ही दो डॉक्टरों की एक टीम मरीज की देखरेख के लिए नियुक्त की गई है और उसे दूसरे बेड पर शिफ्ट कर दिया गया है.
सरकारी अस्पतालों की दशा में सुधार जरूरी
इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों की हालत अब भी सुधार की राह देख रही है. एक गंभीर मरीज जमीन पर बैठा जिंदगी की जंग लड़ता रहा और सिस्टम अपने बचाव में सफाई देता रहा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 19, 2025 03:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

