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Fact Check: इंडिगो फ्लाइट में थप्पड़ कांड का वायरल वीडियो निकला पुराना, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी कहानी

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति को फ्लाइट के अंदर दूसरे यात्री को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है.

Fact Check: इंडिगो फ्लाइट में थप्पड़ कांड का वायरल वीडियो निकला पुराना, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी कहानी

Indigo Slap Video Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति को फ्लाइट के अंदर दूसरे यात्री को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि यह घटना 1 अगस्त 2025 को मुंबई से कोलकाता जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E138 की है, जिसमें मोहम्मद हुसैन नामक व्यक्ति ने एसके अज़रुद्दीन को उस वक्त थप्पड़ मारा जब वह पैनिक अटैक से जूझ रहा था.

वीडियो में देखा जा सकता है कि एयर होस्टेस पैनिक में दिख रहे यात्री की मदद कर रही हैं, और तभी एक आदमी अचानक उसे थप्पड़ जड़ देता है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं, जबकि कुछ इसे सुरक्षा में चूक बता रहे हैं.

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इंडिगो फ्लाइट में थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल

फर्जी दावे के साथ शेयर किया जा रहा वीडियो

 

IndiGo slap video fact check
(Photo : X)

कैसे हुआ खुलासा?

फैक्ट चेक में एक बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, यह वीडियो नया नहीं है बल्कि यह पुराना मामला है जो 26 दिसंबर 2022 को थाई स्माइल एयरवेज की फ्लाइट में हुआ था. फ्लाइट बैंकॉक से कोलकाता जा रही थी. ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, असली घटना में 37C सीट पर बैठे मोहम्मद हुसैन नाम के यात्री ने कमर दर्द का हवाला देकर सीट सीधी करने और बेल्ट पहनने से इनकार कर दिया था. कई बार समझाने के बाद भी वह नहीं माने. तभी एसके अज़रुद्दीन नाम के एक अन्य यात्री ने बहस करते हुए उन्हें थप्पड़ मार दिया.

यानी जिस घटना को अब इंडिगो की फ्लाइट का बताकर वायरल किया जा रहा है, वह असल में 2022 का एक अलग मामला है. इसमें दावा किए गए नाम भी उस पुराने केस से लिए गए हैं.

इंडिगो एयरलाइंस ने भी दी प्रतिक्रिया

हालांकि इंडिगो एयरलाइंस ने 1 अगस्त को हुई एक अलग घटना की पुष्टि की है जिसमें किसी तरह की हाथापाई हुई है. लेकिन वह वायरल वीडियो से जुड़ा नहीं है.

इस पूरे मामले से एक बात साफ है कि सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो वायरल होने पर उसे आंख मूंदकर सच मान लेना ठीक नहीं. जरूरी है कि हम तथ्यों की जांच करें, नहीं तो फर्जी खबरें समाज में गलतफहमी और नफरत फैला सकती हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2025 11:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).