Cab vs OYO Debate: कैब में कपल्स के वीडियो रिकॉर्ड करने पर छिड़ी बहस; मॉरल पुलिसिंग या व्यूज का खेल?

चलती कैब में कपल्स के अंतरंग पलों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने के मामलों ने निजता, सार्वजनिक शालीनता और कंटेंट निर्माण की मंशा पर बहस छेड़ दी है. हाल ही में वायरल हुए वीडियो के बाद यह सवाल उठ रहा है कि ड्राइवरों का यह कदम नैतिक पुलिसिंग है या महज व्यूज हासिल करने का तरीका.

Cab vs OYO Debate: सोशल मीडिया (Social Media) पर हाल ही में वायरल हुए एक इंस्टाग्राम रील ने राइड-शेयरिंग कैब में यात्रियों की निजता (Privacy) और सार्वजनिक स्थानों पर आचरण को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है. वीडियो में एक कैब ड्राइवर चलती गाड़ी की पिछली सीट पर बैठे एक कपल के अंतरंग पलों को रिकॉर्ड करता नजर आ रहा है.

इस घटना के बाद इंटरनेट पर यह सवाल फिर से खड़ा हो गया है कि क्या यात्रियों का बिना सहमति वीडियो बनाना और उसे सार्वजनिक करना 'मॉरल पुलिसिंग' (Moral Policing) है या केवल सोशल मीडिया पर व्यूज और रीच पाने का जरिया है. यह भी पढ़ें: Viral Video: बेंगलुरु की बीएमटीसी बस में महिला से छेड़छाड़; बस चालक और पीड़ित महिला ने आरोपी को सिखाया सबक

कैब में वीडियो रिकॉर्डिंग की हालिया घटनाएं

हाल ही में सामने आई रील में एक कैब चालक ने वाहन के अंदर बैक सीट पर बैठे कपल को कैमरे में कैद कर लिया. हालांकि इस वीडियो के सटीक समय और स्थान का विवरण स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसे लाखों बार देखा जा चुका है.

इससे पहले जुलाई 2026 में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां चालक ने चलती कैब में कपल के अंतरंग होने पर गाड़ी रोक दी थी. ड्राइवर ने कपल से सवाल किया था कि वे ओयो (OYO) या होटल का कमरा बुक करने के बजाय कैब में ऐसा आचरण क्यों कर रहे हैं. हालांकि सुरक्षा के लिहाज से डैशकैम या मोबाइल कैमरे का इस्तेमाल सामान्य माना जाता है, लेकिन ऐसे फुटेज को सार्वजनिक मंचों पर अपलोड करने के फैसले पर गंभीर नैतिक सवाल उठ रहे हैं.

कैब ड्राइवर ने कपल के 'अंतरंग' पलों को रिकॉर्ड किया

'यह कैब है, ओयो नहीं': ड्राइवरों की चेतावनी

कैब के भीतर कपल्स के आचरण को लेकर चालकों द्वारा दिए जाने वाले सख्त संदेश पहले भी चर्चा में रहे हैं.

कैब में 'रोमांस' को लेकर ड्राइवर ने कपल से बहस की

प्राइवेसी और कंटेंट क्रिएशन पर बंटे विचार

कैब में होने वाली इस तरह की घटनाओं पर सोशल मीडिया पर यूजर दो गुटों में बंटे नजर आते हैं:

  1. ड्राइवरों के समर्थक: एक वर्ग का तर्क है कि वाणिज्यिक वाहन या सार्वजनिक परिवहन ऐसी गतिविधियों के लिए उपयुक्त नहीं हैं. ड्राइवरों को ड्राइविंग पर ध्यान केंद्रित करने और अपनी गाड़ी में एक व्यावसायिक माहौल बनाए रखने का पूरा अधिकार है.
  2. निजता के समर्थक: वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि यात्रियों की सहमति के बिना उनका वीडियो बनाना और उसे व्यूज के लिए इंटरनेट पर अपलोड करना निजता के अधिकार का हनन और वोयूरिज्म (Voyeurism) की श्रेणी में आ सकता है.

फिलहाल प्रमुख राइड-हेलिंग कंपनियों (जैसे ओला या उबर) ने इन विशिष्ट हालिया वीडियो पर कोई आधिकारिक नीतिगत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन पूर्व में ऐसे मामलों में शिकायतों के आधार पर व्यक्तिगत स्तर पर चालकों व यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है.

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