Annu Collis Controversy: निलंबित महिला दरोगा अनु के वीडियो पर नया विवाद; शिक्षक अमित किल्होर का दावा—'इंस्टाग्राम का नहीं, सीधे बैंक खाते का था QR कोड'
उत्तर प्रदेश के मेरठ में तैनात और हाल ही में आपत्तिजनक सोशल मीडिया गतिविधियों के चलते निलंबित की गईं सब-इंस्पेक्टर अनु रानी के स्पष्टीकरण वीडियो पर नया विवाद खड़ा हो गया है। यूपीएससी शिक्षक अमित किल्होर और अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने दावा किया है कि दरोगा के वीडियो में दिख रहा क्यूआर कोड इंस्टाग्राम प्रोफाइल का नहीं, बल्कि सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खाते का है. इस नए खुलासे के बाद लोकसेवकों के आचरण और ऑनलाइन वित्तीय गतिविधियों को लेकर बहस तेज हो गई है.
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मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस की निलंबित सब-इंस्पेक्टर अनु रानी (सोशल मीडिया पर Annu Collis / Selina Collis) से जुड़े विवाद में एक नया मोड़ सामने आया है. सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन के आरोप में निलंबन की कार्रवाई का सामना कर रहीं महिला दरोगा ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की थी. हालांकि, उनके इस स्पष्टीकरण के बाद प्रसिद्ध यूपीएससी शिक्षक अमित किल्होर सहित कई एक्टिविस्टों ने वीडियो में दिखाए गए क्यूआर कोड (QR Code) को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार, मेरठ एसएसपी कार्यालय में तैनात रहीं 2023 बैच की इस महिला दरोगा को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो व आचरण के चलते निलंबित किया गया था. यह भी पढ़ें: Pakistani Teacher Student Viral Video: पाकिस्तानी टीचर-स्टूडेंट वायरल वीडियो का सच: 'Ayesha Tanveer' नाम से फैलाया जा रहा दावा निकला फर्जी
अमित किल्होर का दावा है कि अन्नू कॉलिस के वायरल वीडियो का QR कोड बैंक अकाउंट से जुड़ा है.
Madam ne ab UPI id deactivate kar di hai.
Madam full victim card khelne ke liye tyaar hai.
Kal se aur bhi jhooth aane ki sambhavna.
Ma'am ye bhool gyi ki deactivated I'd mei bhi naam aa jata hai. https://t.co/Li4mwSpNzE pic.twitter.com/gqlT8uQlT7
— amit kilhor (@amitkilhor) August 23, 2026
महिला दरोगा की सफाई और इंस्टाग्राम का दावा
निलंबन के बाद अनु रानी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की थी:
- पहनावे पर बयान: उन्होंने दावा किया कि उनका पहनावा कोई अश्लील पोशाक नहीं, बल्कि एक मॉल से खरीदी गई सामान्य फ्रॉक थी.
- क्यूआर कोड पर स्पष्टीकरण: वीडियो में दिखाई दे रहे क्यूआर कोड को लेकर उन्होंने दावा किया था कि यह उनके इंस्टाग्राम अकाउंट का लिंक/कोड है, न कि किसी वित्तीय लेनदेन के लिए.
अन्नू कॉलिस के वायरल वीडियो का QR कोड बैंक अकाउंट पर ले जाता है, इंस्टाग्राम पर नहीं.
I checked if the QR is leading to her Instagram as she is claiming.
NO IT IS NOT. It is going to her bank account.
Just sent Rs. 11 to her requesting her not to lie so blatantly
FYI @Uppolice @meerutpolice your officer is lying to public after being called out https://t.co/da2hvtjWV5 pic.twitter.com/NVdWeuy0j4
— Deepika Narayan Bhardwaj (@DeepikaBhardwaj) August 23, 2026
शिक्षक अमित किल्होर का दावा: 'सीधे बैंक खाते से जुड़ा है QR कोड'
ऑनलाइन शिक्षक अमित किल्होर ने महिला दरोगा के इस दावे की पड़ताल करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा की:
- वित्तीय लेनदेन का लिंक: किल्होर ने आरोप लगाया कि वीडियो में दिख रहा क्यूआर कोड वास्तव में इंस्टाग्राम प्रोफाइल का नहीं, बल्कि दरोगा के व्यक्तिगत बैंक खाते से जुड़े यूपीआई/पेमेंट गेटवे का है.
- आचरण पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि एक लोकसेवक और पुलिस अधिकारी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव आकर या वीडियो के माध्यम से व्यक्तिगत वित्तीय लेन-देन के लिए क्यूआर कोड साझा करना सेवा नियमों और नैतिकता का खुला उल्लंघन है.
- एक्टिविस्टों का समर्थन: सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार दीपिका नारायण भारद्वाज ने भी संबंधित स्क्रीनशॉट्स साझा करते हुए आरोप लगाया कि क्यूआर कोड स्कैन करने पर वित्तीय खाता प्रदर्शित हो रहा है.
पूर्व में भी चर्चा में रही थीं सब-इंस्पेक्टर
अनु रानी इससे पहले मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड (नीला ड्रम कांड) के दौरान मुख्य आरोपी मुस्कान को गिरफ्तार करने के बाद सुर्खियों में आई थीं. उस समय वे ब्रह्मपुरी थाने में तैनात थीं और बाद में उनका स्थानांतरण एसएसपी कार्यालय में हुआ था.
विभागीय जांच और साइबर सेल की पड़ताल
उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर रखी है:
- साइबर सेल द्वारा जांच: एसएसपी द्वारा वीडियो के तकनीकी पहलुओं, उसके मूल स्रोत और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है.
- सीओ कार्यालय की रिपोर्ट: मामले की विभागीय जांच वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी द्वारा की जा रही है.
अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2026 01:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

