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World Rainforest Day 2020: जानें 22 जून को क्यों मनाया जाता है विश्व वर्षावन दिवस

दुनिया के जंगलों का 30 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो गया है, जबकि एक और 20 प्रतिशत ख़राब हो गया है (और बाकी के सभी टुकड़े हो गए हैं, जिससे लगभग 15 प्रतिशत ही बरकरार है). अमेज़ॅन वर्षावन लगभग 60 मिलियन वर्षों से मौजूद है, जब अटलांटिक महासागर ने अमेज़ॅन बेसिन में एक उष्णकटिबंधीय जलवायु बनाने के लिए पर्याप्त विस्तार किया था.

World Rainforest Day 2020: जानें 22 जून को क्यों मनाया जाता है विश्व वर्षावन दिवस
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits : Pixabay)

वर्षावन पृथ्वी के फेफड़े के रूप में कार्य करते हैं और इन्हीं वर्षावनों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को उठाने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल, 22 जून को विश्व वर्षावन दिवस यानी वर्ल्ड रेनफॉरेस्ट डे मनाया जाता है. क्योंकि पृथ्वी से तेजी से वर्षावन का दोहन हो रहा है. जिसे रोकना बहुत जरूरी है, अन्यथा ये विलुप्त हो जाएंगे और ऐसे में पृथ्वी पर पर्यावरणीय संकट आ सकता है.

क्या होते हैं वर्षावन

वर्षावन वो जंगल होते हैं, जिनमें सामान्य से अधिक वर्षा होती है अर्थात जहां न्यूनतम सामान्य वार्षिक वर्षा 1750-2000 मिमी (68-78 इंच) के बीच है. मानसून में कम दबाव का क्षेत्र जिसे वैकल्पिक रूप से अंतर-उष्णकटिबंधीय संसृति क्षेत्र के नाम से जाना जाता है, की पृथ्वी पर वर्षावनों के निर्माण में उल्लेखनीय भूमिका निभाती है. विश्व के पशु-पौधों की सभी प्रजातियों का कुल 40 से 75% इन्हीं वर्षावनों का मूल प्रवासी है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पौधों, कीटों और सूक्ष्मजीवों की कई लाख प्रजातियां अभी तक खोजी नहीं गई हैं. उष्णकटिबंधीय वर्षावनों को पृथ्वी के आभूषण और संसार की सबसे बड़ी औषधशाला कहा गया है, क्योंकि एक चौथाई प्राकृतिक औषधियों की खोज यहीं हुई है.

पूरे विश्व को मिलने वाली कुल ऑक्सीजन की 28% वर्षावनों से ही मिलती है. दो प्रकार के वर्षावन होते हैं, उष्णकटिबंधीय वर्षावन तथा समशीतोष्ण वर्षावन. जो कि अफ्रीका, एशिया, आस्ट्रेलिया, और मध्य और दक्षिणी अमेरिका में पाये जाते हैं. विश्व में सबसे बङा वर्षावन अमेज़न वर्षावन है.

लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए वर्षावन दिवस

वर्षावन कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं, जलवायु परिवर्तन को स्थिर करते हैं, और दुनिया की आधी पशु प्रजातियों और पौधों के घर हैं। इस दिवस के आयोजकों का मानना है कि हर मिनट 40 फुटबॉल मैदानों का आकार जितना वर्षावन को नुकसान होता है. इसके अलावा वनों की कटाई की वर्तमान दर के अनुसार अनुमान लगाया गया है कि 2050 तक 28,000 प्रजातियां विलुप्त हो जाएंगी. इस प्रकार, विश्व वर्षा वन दिवस हमारे जीवन में इसके महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. वर्ल्ड रेनफॉरेस्ट डे कीमती प्राकृतिक संसाधन का संरक्षण और इसे संरक्षित करने के लिए नियमों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है.

22 जून, 2017 को पहली बार विश्व रेनफॉरेस्ट डे मनाया गया. इसे रेनफॉरेस्ट पार्टनरशिप नामक समूहों के सहयोग से स्थापित किया गया था. अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन ऑस्टिन, टेक्सास में है.

विलुप्त हो जाएंगे वर्षावन

दुनिया के जंगलों का 30 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो गया है, जबकि एक और 20 प्रतिशत ख़राब हो गया है (और बाकी के सभी टुकड़े हो गए हैं, जिससे लगभग 15 प्रतिशत ही बरकरार है). अमेज़ॅन वर्षावन लगभग 60 मिलियन वर्षों से मौजूद है, जब अटलांटिक महासागर ने अमेज़ॅन बेसिन में एक उष्णकटिबंधीय जलवायु बनाने के लिए पर्याप्त विस्तार किया था. हमारी दुनिया से डायनासोर के पतन के बाद सबसे बड़े विलुप्त होने के संकट का सामना कर रही है. इसलिए जरूरी है वर्षावन के संरक्षण की.

क्यों गायब हो रहें हैं वर्षावन

वर्षावन के विनाश का एक मुख्य कारण है पेड़ों की कटाई. फर्नीचर, फर्श के निर्माण, और अन्य निर्माण कार्यों में प्रयुक्त की जाने वाली कई प्रकार की लकडी अफ्रीका, एशिया, और दक्षिण अमेरिका के उष्णकटिबंधीय वनों से प्राप्त की जाती है. वनों की कटाई के प्रमुख कारणों में लॉगिंग, खनन और औद्योगिक विकास के साथ-साथ कृषि के लिए भूमि की निकासी शामिल है. प्रतिवर्ष वर्षावन की हजारों मील भूमि को कृषि उपयोग के लिए नष्ट कर दिया जाता है. वर्षावन में सड़क और राजमार्ग का निर्माण विकास के लिए बड़े क्षेत्र उपलब्ध करता है. इसलिए वहां संड़क राजमार्ग के लिए उन्हे नष्ट किया जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2020 12:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).