प्रेगनेंट महिलाएं मॉर्निंग सिकनेस से निजात पाने के लिए अपनाएं ये 6 घरेलू उपाय

गर्भावस्था एक सुंदर यात्रा है, लेकिन यह कई लक्षणों के साथ है और सुबह की बीमारी उनमें से एक है। लगभग 75 प्रतिशत से 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को जी मिचलाना, थकान और उल्टी का अनुभव होता है, जो मॉर्निंग सिकनेस की सामान्य लक्षण होते हैं...

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits UNSPLASH)

गर्भावस्था एक सुंदर यात्रा है, लेकिन इस दौरान कई परेशानियां होती हैं और मॉर्निंग सिकनेस उनमें से एक है. लगभग 75 प्रतिशत से 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को जी मिचलाना, थकान और उल्टी का अनुभव होता है, जो मॉर्निंग सिकनेस की सामान्य लक्षण होते हैं. ये सब आमतौर पर प्रेगनेंसी के छठे सप्ताह से शुरू होता है और आठवें सप्ताह तक समाप्त होता है. प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल चेंजेस होते हैं और ये चेंजेस छठे सप्ताह से आठवें सप्ताह तक होते हैं. इन हार्मोनल चेंजेस की वजह से महिलाओं की लाइफ में अचानक से बहुत सारे बदलाव होने लगते हैं. ज्यादा तेल और मसाले वाले खाने से बदबू आने लगती हैं. दाल और सब्जी पसंद नहीं आती है. खाने के हर सामान से बदबू आने लगती है और अगर जबरदस्ती कुछ खा भी लिया तो जी मिचलाने लगता है और उल्टियां होने लगती हैं. जिसकी वजह से प्रेगनेंट महिलाओं को कमजोरी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में परेशान होने की जरुरत नहीं है. आइए हम आपको बताते हैं कुछ प्राकृतिक घरेलू उपचार जिन्हें अपनाकर आप मॉर्निंग सिकनेस से छुटकारा पा सकते हैं.

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 अदरक: अदरक मतली के इलाज के लिए एक आम प्राकृतिक उपचार है. अदरक के रस में उत्तेजक गुण होते हैं जो आपके पेट को शांत कर सकते हैं. जी मिचलाने से छुटकारा पाने के लिए आप एक चम्मच अदरक के रस का सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा अदरक की चाय या अदरक कैंडी भी खा सकते हैं.

पुदीना: पुदीना न केवल ताजा और ठंडा है, बल्कि आपको मितली से भी छुटकारा पाने में मदद करता है. पुदीने की कुछ पत्तियों को चबाने या बस इसे सूंघने से प्रेगनेंसी के लक्षणों से छुटकारा मिल सकता है.

नींबू पानी: एक चुटकी नमक और चीनी के साथ नींबू का रस मॉर्निंग सिकनेस के लिए एक बढ़िया उपाय है. नींबू का खट्टा स्वाद मतली के लक्षणों को कम करने में मदद करता है. बेहतर महसूस करने के लिए आप अदरक और नींबू के पानी को एक साथ रख सकते हैं या सादा नींबू का पानी भी पी सकते हैं.

गुलाब जल और दूध: आयुर्वेद के अनुसार मॉर्निंग सिकनेस से निपटने के लिए गुलाब जल और दूध का मिश्रण एक प्रभावी उपाय है. एक गिलास दूध में एक बूंद गुलाब जल मिलाएं, दूध को उबालें और इसे थोड़ा गर्म होने पर पी लें. आप रोजाना रात को सोते समय एक कप घी के साथ एक कप गुलाबजल भी ले सकते हैं.

एप्पल विनेगर/ सिरका: Apple साइडर सिरका किण्वन प्रक्रिया से बनता है. इसका उपयोग विभिन्न इलाज के लिए किया जाता है. इसके औषधीय उपयोग के अलावा, सिरके का उपयोग आमतौर पर स्वादिष्ट मसाले बनाने और प्रिसेर्वेटीव के रूप में किया जाता है. अचार को स्वादिष्ट और उसकी उम्र बढ़ाने के लिए उसमें सिरके का इस्तेमाल किया जाता है. एक गिलास पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं और इसे रोजाना पिएं. इससे मोर्निंग सिकनेस से छुटकारा मिल जाएगा.

नारियल पानी: विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर नारियल पानी के कई स्वास्थ्य लाभ हैं. नारियल पानी प्रेगनेंसी में मितली से निजात दिलाने में मदद करता है. एक गिलास नारियल पानी में एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं और हर पंद्रह मिनट के बाद पानी का एक घूंट लें.

सौंफ पाउडर, दालचीनी और जीरा जैसे कुछ मसालों भी मितली से निजात दिलाने में मदद करते हैं. कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि ये तीन मसाले मॉर्निंग सिकनेस के लिए अच्छे हैं.

 

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