Sita Navami 2025 Wishes: सीता नवमी के इन शानदार हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, GIF Greetings को भेजकर दें अपनों को शुभकामनाएं
माता सीता को माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है, इसलिए ऐसा कहा जाता है कि इस दिन उनके पूजन से महिलाओं को सदैव सुखी व सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद मिलता है, इसके साथ ही माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है. ऐसे में इस बेहद पावन अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को सीता नवमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Sita Navami 2025 Wishes in Hindi: मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम (Bhagwan Ram) की तरह माता सीता (Mata Sita) भी नवमी तिथि के दिन ही अवतरित हुई थीं. प्रचलित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता सीता का प्राकट्य वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था, इसलिए हर साल इस तिथि पर सीता नवमी (Sita Navami) के पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन मध्याह्न मुहूर्त में भगवान राम और माता सीता की पूजा की जाती है. इस साल सीता नवमी यानी जानकी नवमी (Janaki Navami) का पर्व 5 मई 2025 को मनाया जा रहा है. इस दिन महिलाएं माता सीता को अपना आदर्श मानते हुए अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और विधि-विधान से भगवान राम और माता सीता की पूजा करती हैं. ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से 16 महान दानों का फल, पृथ्वी दान का फल और समस्त तीर्थों के दर्शन का पुण्य फल प्राप्त होता है.
माता सीता को माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है, इसलिए ऐसा कहा जाता है कि इस दिन उनके पूजन से महिलाओं को सदैव सुखी व सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद मिलता है, इसके साथ ही माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है. ऐसे में इस बेहद पावन अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को सीता नवमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





सीता नवमी यानी जानकी नवमी की पूजा के लिए इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर पीले रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए, फिर व्रत का संकल्प लेकर पूजन की तैयारी करनी चाहिए. पूजन स्थल पर एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर माता सीता और भगवान राम की प्रतिमा स्थापित करें, फिर माता सीता को सुहाग की सामग्री अर्पित करते हुए रोली, अक्षत, फल, फूल, मिठाई और धूप-दीप से पूजन करें. सुबह की पूजा के बाद शाम के समय फिर से विधिपूर्वक पूजा करें और अगले दिन पूजा में अर्पित की गई सुहाग की सामग्री का दान किसी सुहागन स्त्री को करें.
(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

