Ashura 2026 Date: भारत, पाकिस्तान, ईरान और इराक में 10 मुहर्रम कब है? जानें आशूरा की तारीख और धार्मिक महत्व
इस्लामी कैलेंडर 1448 हिजरी के अनुसार, साल 2026 में आशुरा (10वां मुहर्रम) की तारीखों को लेकर दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के देशों में अंतर देखा जा रहा है. ईरान और इराक में जहां आशुरा 25 जून को मनाया जाएगा, वहीं भारत और पाकिस्तान में यह 26 जून 2026 को होगा.
Ashura 2026 Date: मुहर्रम महीने की 10वीं तारीख यानी 'यौम-ए-आशुरा' इराक और ईरान में 25 जून 2026 को मनाया जाएगा. वहीं, भारत और पाकिस्तान में मुस्लिम समुदाय 26 जून 2026 को आशुरा मनाएंगे. तारीखों में यह एक दिन का अंतर पूरी तरह से अलग-अलग क्षेत्रों में नए चांद (क्रिसेंट मून) के दिखने और उसकी आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करता है.
चांद दिखने के समय में अंतर बना मुख्य कारण
इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह से चंद्र चक्र (लूनर साइकिल) पर आधारित होता है. नियमों के अनुसार, नया महीना तभी शुरू माना जाता है जब नया चांद नग्न आंखों से दिखाई दे या आधिकारिक धार्मिक कमेटियों द्वारा इसकी पुष्टि की जाए. यह भी पढ़े: Muharram 2026 Date: भारत में नहीं दिखा मुहर्रम का चांद, इस तारीख से शुरू होगा इस्लामी नया साल; जानें कब है आशूरा
ईरान और इराक में हिजरी वर्ष 1448 का चांद पहले देखा गया था, जिसके चलते वहां 16 जून को मुहर्रम की पहली तारीख घोषित की गई थी. इस गणना के आधार पर वहां 10वां दिन यानी आशुरा 25 जून (गुरुवार) को पड़ रहा है. इसके विपरीत, दक्षिण एशिया में पाकिस्तान की केंद्रीय रुएत-ए-हिलाल कमेटी और भारत की प्रमुख हिलाल कमेटियों ने 17 जून को पहली मुहर्रम होने की पुष्टि की थी. इस वजह से भारत और पाकिस्तान में 10वां मुहर्रम 26 जून (शुक्रवार) को होगा.
विभिन्न देशों में सरकारी छुट्टियों की घोषणा
सभी संबंधित देशों की सरकारों ने सार्वजनिक जीवन और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आधिकारिक तौर पर छुट्टियों की अधिसूचना जारी कर दी है.
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पाकिस्तान: संघीय सरकार ने मुहर्रम की 9वीं और 10वीं तारीख (तासूआ और आशुरा) के मद्देनजर 25 जून (गुरुवार) और 26 जून (शुक्रवार) को दो दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है.
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भारत: केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के कैलेंडर के अनुसार, 26 जून (शुक्रवार) को गजटेड छुट्टी घोषित की गई है. इस दिन सरकारी कार्यालय, बैंक और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे.
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इराक और ईरान: दोनों देशों में 25 जून को राष्ट्रीय अवकाश रहेगा. इराक सरकार ने पवित्र शहर कर्बला की ओर जाने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं.
सुरक्षा के लिहाज से चारों देशों के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में कड़े प्रबंध किए गए हैं. संवेदनशील इलाकों और जुलूस के रास्तों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है.
आशुरा का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व
इस्लाम धर्म में 10वें मुहर्रम यानी आशुरा का दिन बेहद गहरा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है, हालांकि अलग-अलग परंपराओं में इसे भिन्न तरीकों से याद किया जाता है.
शिया समुदाय के लिए यह दिन अत्यंत शोक और आत्मनिरीक्षण का होता है. इसी दिन सन 680 ईस्वी (61 हिजरी) में कर्बला के ऐतिहासिक युद्ध में पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन इब्न अली, उनके परिवार और साथियों को शहीद कर दिया गया था. यह दिन अन्याय और तानाशाही के खिलाफ खड़े होने और सत्य की रक्षा करने के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है.
दूसरी ओर, सुन्नी समुदाय के लोग इस दिन को मुख्य रूप से स्वैच्छिक रोजे (व्रत) और प्रार्थनाओं के साथ बिताते हैं. ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन अल्लाह ने पैगंबर मूसा (मोज़ेस) और उनके अनुयायियों को मिस्र के फिरौन के अत्याचारों से बचाने के लिए लाल सागर को दो भागों में विभाजित कर रास्ता दिया था. सुन्नी मुस्लिम इस घटना को अल्लाह के प्रति आभार व्यक्त करने के रूप में याद करते हैं.