Sawan Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, भोर से ही शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, बम-बम भोले के जयकारों से गूंजे मंदिर; VIDEO
उत्तर भारत के पंचांग के अनुसार 30 जुलाई से शुरू हुए सावन महीने का पहला सोमवार आज है. उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में तड़के भस्म आरती के साथ पहले सोमवार के पूजन की शुरुआत हुई.
Sawan Somwar 2026: पवित्र श्रावण (सावन) मास के पहले सोमवार पर आज, 3 अगस्त 2026 को देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. वाराणसी के काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर, देवघर के बाबा बैद्यनाथ और दिल्ली के प्रसिद्ध शिवालयों में तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही जलाभिषेक और दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों से गुंजायमान हैं. सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा कड़े प्रबंध किए गए हैं.
प्रमुख मंदिरों में भोर से ही जलाभिषेक और विशेष भस्म आरती
उत्तर भारत के पंचांग के अनुसार 30 जुलाई से शुरू हुए सावन महीने का पहला सोमवार आज है. उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में तड़के भस्म आरती के साथ पहले सोमवार के पूजन की शुरुआत हुई. यह भी पढ़े: Sawan Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, सही विधि और जलाभिषेक का धार्मिक महत्व
सावन का पहला सोमवार
वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्पर्श दर्शन पर प्रतिबंध लगाकर झांकी दर्शन की व्यवस्था की गई है. गंगा घाटों से जल भरकर कांवड़िए और आम श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं और भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर रहे हैं.
सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन लागू
सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सभी राज्यों में पुलिस और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है. मुख्य मंदिरों के आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है.
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सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: प्रमुख मंदिर परिसरों और कांवड़ मार्गों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जा रही है.
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यातायात डायवर्जन: शहरों के प्रमुख मंदिर मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित किया गया है और श्रद्धालुओं की पैदल आवाजाही के लिए अलग लेन बनाई गई हैं.
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मेडिकल कैंप: भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए जगह-जगह प्राथमिक चिकित्सा और पेयजल की व्यवस्था की गई है.
सावन सोमवार का धार्मिक महत्व और तिथियां
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत रखने और भगवान शिव की आराधना करने से आरोग्य, सुख-समृद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि इस दिन शिवलिंग पर केवल एक लोटा जल और बेलपत्र चढ़ाने से भी भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं.
उत्तर भारत में इस वर्ष सावन माह में कुल चार सोमवार पड़ेंगे. आज से ही कई श्रद्धालु प्रसिद्ध 'सोलह सोमवार व्रत' का संकल्प भी उठा रहे हैं. दोपहर और संध्या आरती के समय भी मंदिरों में विशेष सजावट और श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी रहने की संभावना है.