Rabi ul Awal 2025 Mubarak Wishes: रबी-उल-अव्वल के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings को भेजकर प्रियजनों को दें मुबारकबाद

माना जाता है कि मोहम्मद पैगंबर साहब सभी पैगंबरों में से आखिरी हैं और उनके बाद कोई पैगंबर नहीं आएगा, क्योंकि अल्लाह ने कुरआन में कहा है कि मोहम्मद ही अंत तक सभी इंसानों के लिए पैगंबर बने रहेंगे. पैंगबर मोहम्मद साहब के जन्म के महीने रबी-उल-अव्वल की शुरुआत के इस खास मौके पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें मुबारकबाद दे सकते हैं.

रबी-उल-अव्वल मुबारक! (Photo Credits: File Image)

Rabi ul Awal 2025 Mubarak Wishes in Hindi: इस्लाम धर्म के महत्वपूर्ण महीनों में शुमार रबी-उल-अव्वल (Rabi ul Awal) का काफी महत्व बताया जाता है. ऐसी मान्यता है कि रबी-उल-अव्वल या रबी-अल-अव्वल पैगंबर मोहम्मद के जन्म का महीना है, इसलिए इसका महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है. इस महत्वपूर्ण महीने की शुरुआत इस साल 24 अगस्त 2025 से हो सकती है और 12वीं रबी-उल-अव्वल या ईद-ए-मिलाद-उन-नबी 5 सितंबर 2025 को मनाई जा सकती है. इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, इस पाक महीने की 12 तारीख को सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में इस्लाम धर्म के आखिरी संदेशवाहक पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन ईद-मिलाद-उन-नबी (Eid-Milad-Un-Nabi) मनाया जाता है. रबी-उल-अव्वल इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी कैलेंडर) का तीसरा महीना है, जिसे हिजरी कैलेंडर के नाम से भी जाना जाता है. अरबी में रबी का शाब्दिक अर्थ वसंत है, जबकि अल अव्वल का अर्थ पहला है.

माना जाता है कि मोहम्मद पैगंबर साहब सभी पैगंबरों में से आखिरी हैं और उनके बाद कोई पैगंबर नहीं आएगा, क्योंकि अल्लाह ने कुरआन में कहा है कि मोहम्मद ही अंत तक सभी इंसानों के लिए पैगंबर बने रहेंगे. पैंगबर मोहम्मद साहब के जन्म के महीने रबी-उल-अव्वल की शुरुआत के इस खास मौके पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें मुबारकबाद दे सकते हैं.

1- रात को नया चांद मुबारक,
चांद को चांदनी मुबारक,
फलक को सितारे मुबारक,
सितारों को बुलंदी मुबारक,
और आपको रबी-उल-अव्वल मुबारक!

रबी-उल-अव्वल मुबारक! (Photo Credits: File Image)

2- आपने क्या सोचा पैगान नहीं आएगा,
सोचा ये दोस्त आपको यूं ही भूल जाएगा,
आपको सताने की यह तो आदत है हमारी,
कुबूल करें रबी उल अव्वल की मुबारकबाद हमारी.
रबी-उल-अव्वल मुबारक!

रबी-उल-अव्वल मुबारक! (Photo Credits: File Image)

3- रहमतों की है ये रात,
नमाजों का रखिएगा साथ,
मनवा लीजिए रब से हर बात,
दुआओं मे रखिएगा हमको याद.
रबी-उल-अव्वल मुबारक!

रबी-उल-अव्वल मुबारक! (Photo Credits: File Image)

4- हवा को खुशबू मुबारक,
फिजा को मौसम मुबारक,
दिलों को प्यार मुबारक,
आपको हमारी तरफ से,
रबी-उल-अव्वल मुबारक!

रबी-उल-अव्वल मुबारक! (Photo Credits: File Image)

5- दुनिया की हर फिजा में है उजाला रसूल का,
ये सारी कायनात है सदका रसूल का,
खुशबू गुलाब है पसीना रसूल का,
आप को भी हो मुबारक महीना रसूल का.
रबी-उल-अव्वल मुबारक!

रबी-उल-अव्वल मुबारक! (Photo Credits: File Image)

इस्लाम धर्म की मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म से पहले लोग अंधकार और अज्ञानता में अपना जीवन बिता रहे थे. लोग अल्लाह की राह से भटक रहे थे. ऐसे में जब रबी-उल-अव्वल महीने में पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था तो वे अपने साथ अल्लाह का संदेश, सत्य का संदेश और एकता का संदेश लेकर आए, जिनकी मदद से उन्होंने लोगों को ज्ञान, प्रकाश और अल्लाह के मार्ग की ओर अग्रसर किया. पैगंबर मोहम्मद साहब की वजह से लोग अंधकार और अज्ञानता से बाहर आए और उन्हें सही व गलत के बीच अंतर समझने में मदद मिली.

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