Nag Panchami 2026 Messages: शुभ नाग पंचमी! प्रियजनों को भेजें ये खास हिंदी Quotes, WhatsApp Status, GIF Greetings और SMS

सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी 17 अगस्त 2026 को देश भर में नाग पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है. इस बार सात साल बाद सावन सोमवार का विशेष संयोग बन रहा है. जानिए नाग पंचमी का पौराणिक महत्व, अष्टनागों की पूजा विधि और अपनों को भेजने के लिए खास शुभकामना संदेश.

नाग पंचमी 2026 (Photo Credits: File Image)

Nag Panchami 2026 Messages  in Hindi: भगवान शिव (Bhawan Shiv) के अतिप्रिय श्रावण (सावन) मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला नाग पंचमी (Nag Panchami) का पर्व इस वर्ष 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है. इस वर्ष यह पर्व सावन सोमवार के अत्यंत शुभ संयोग के साथ आ रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से विशेष फलदायी माना जा रहा है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सर्पों के अधिपति नाग देवता और अष्टनागों (अनंत, वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. इस अवसर पर श्रद्धालु एक-दूसरे को बधाई संदेश, व्हाट्सएप विशेज और कोट्स भेजकर पर्व की शुभकामनाएं साझा करते हैं.

इस शुभ अवसर पर आप अपने परिजनों, दोस्तों और प्रियजनों को निम्नलिखित हिंदी संदेशों और विशेज (WhatsApp Wishes) के जरिए शुभकामनाएं भेज सकते हैं.

1- महादेव का है सर्प आभूषण,

श्री विष्णु का है शेषनाग सिंहासन,

अपने फन पर जिसने पृथ्वी उठाई,

ऐसे नाग देवता को मेरा वंदन.

शुभ नाग पंचमी

नाग पंचमी 2026 (Photo Credits: File Image)

2- श्रद्धा से नाग देव की पूजा करें,

भय, संकट और रोगों से मुक्ति पाएं,

आपका हर दिन हो शुभ और प्रेरणादायक.

शुभ नाग पंचमी

नाग पंचमी 2026 (Photo Credits: File Image)

3- नाग देवता सबके प्यारे,
पूरी करते कामना सारे,
भावना से करे पूजा,
नागों से मिलेगी हमेशा रक्षा.
शुभ नाग पंचमी

नाग पंचमी 2026 (Photo Credits: File Image)

4- नाग पंचमी का त्योहार आया,
खुशियां ढेर सारी लाया,
सच्चे दिल से करिए याद,
पूरी हो जाएगी मुराद.
शुभ नाग पंचमी

नाग पंचमी 2026 (Photo Credits: File Image)

5- नाग पंचमी के दिव्य पर्व को
आनंद और भक्ति के साथ मनाएं,
शिव आपको सुख और समृद्धि प्रदान करें.
शुभ नाग पंचमी

नाग पंचमी 2026 (Photo Credits: File Image)

नाग पंचमी से जुड़ी पौराणिक कथाएं

नाग पंचमी मनाने के पीछे हिंदू धार्मिक ग्रंथों जैसे महाभारत, स्कंद पुराण, नारद पुराण और रामायण में कई कथाओं का वर्णन मिलता है:

राजा जनमेजय का नागदाह यज्ञ: पौराणिक कथा के अनुसार, राजा जनमेजय ने अपने पिता राजा परीक्षित की तक्षक नाग के डसने से हुई मृत्यु का बदला लेने के लिए संपूर्ण सर्प जाति के विनाश हेतु महायज्ञ आयोजित किया था. सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही ऋषि आस्तिक ने राजा जनमेजय को समझा-बुझाकर इस यज्ञ को रुकवाया था और नाग जाति के अस्तित्व की रक्षा की थी.

श्रीकृष्ण और कालिया नाग मर्दन: द्वापर युग में इसी पावन तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना नदी को जहरीले कालिया नाग के प्रकोप से मुक्त कराया था. श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का मर्दन कर उसे यमुना छोड़कर समुद्र में जाने का आदेश दिया था.

ज्योतिषीय महत्व: कालसर्प दोष और राहु-केतु शांति

ज्योतिषशास्त्र में नाग पंचमी के दिन किए जाने वाले धार्मिक उपायों का विशेष फल बताया गया है:

कालसर्प दोष से राहत: जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष मौजूद होता है, उनके लिए इस दिन नाग देवता का दूध, जल और कुशा से अभिषेक करना तथा महामृत्युंजय या नाग गायत्री मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है.

राहु-केतु की दशा: यदि कुंडली में राहु या केतु ग्रह की प्रतिकूल दशा चल रही हो, तो नाग पंचमी पर अष्टनागों का पूजन करने से उनके नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

गरुड़ पुराण का मत: गरुड़ पुराण के अनुसार, नाग पंचमी पर घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर नाग देव का चित्र बनाकर पूजन करने से परिवार को सर्पभय से मुक्ति मिलती है और आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

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