Independence Day 2026: 9 से 17 अगस्त तक चलेगा 'हर घर तिरंगा' अभियान; जानें फ्लैग कोड के नियम और दिशानिर्देश
भारत अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 9 से 17 अगस्त 2026 तक 'हर घर तिरंगा' अभियान आयोजित कर रहा है. राष्ट्रध्वज फहराते समय फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के नियमों का पालन करना अनिवार्य है. जानें तिरंगा फहराने की सही विधि और प्रमुख दिशानिर्देश.
Independence Day 2026: भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस (80th Independence Day) मनाने जा रहा है. इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 'हर घर तिरंगा' (Har Ghar Tiranga) अभियान के पांचवें संस्करण का आयोजन 9 से 17 अगस्त 2026 तक पूरे देश और विदेशों में स्थित भारतीय समुदाय के बीच किया जा रहा है.
इस वर्ष यह अभियान राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के उत्सवों के साथ भी जोड़ा गया है. नागरिक राष्ट्रध्वज फहराने के साथ-साथ आधिकारिक पोर्टल (harghartiranga.com) पर तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी भी अपलोड कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: Sawan Special Story: उत्तर भारत और दक्षिण भारत में अलग-अलग दिन क्यों शुरू होता है सावन? जानिए श्रावण मास की अलग-अलग तिथियों का रहस्य, इतिहास और धार्मिक महत्व
भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) और प्रमुख संशोधन
भारत का राष्ट्रध्वज देश की संप्रभुता और सम्मान का प्रतीक है। इसे फहराने और प्रदर्शित करने के लिए 'भारतीय ध्वज संहिता, 2002' (Flag Code of India 2002) के नियमों का पालन करना अनिवार्य है. हालिया वर्षों में सरकार द्वारा इसमें कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं ताकि आम नागरिक आसानी से ध्वज फहरा सकें:
- दिन और रात में फहराने की अनुमति: जुलाई 2022 में किए गए संशोधन के अनुसार, यदि राष्ट्रध्वज खुले में या किसी नागरिक के घर पर फहराया जा रहा है, तो इसे दिन और रात (24 घंटे) फहराया जा सकता है। पहले इसे केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराने की अनुमति थी.
- सामग्री (Material): दिसंबर 2021 के संशोधन के तहत हाथ से कते और बुने हुए सूती, ऊनी, रेशमी या खादी के अलावा अब मशीन से बने और पॉलिएस्टर (Polyester) के झंडों का उपयोग करने की भी अनुमति है.
तिरंगा फहराते समय क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)
राष्ट्रध्वज की गरिमा बनाए रखने के लिए नागरिकों को निम्नलिखित दिशानिर्देशों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
क्या करें:
- सम्मानजनक स्थान: तिरंगे को हमेशा सम्मानजनक और स्पष्ट स्थान पर फहराएं.
- सही अनुपात: राष्ट्रध्वज की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात हमेशा 3:2 होना चाहिए.
- केसरिया रंग ऊपर: फहराते समय हमेशा ध्यान रखें कि केसरिया रंग की पट्टी सबसे ऊपर हो.
- रात्रि में प्रकाश: यदि ध्वज को रात में भी फहराया जा रहा है, तो उस पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि वह स्पष्ट दिखाई दे.
क्या न करें:
- कटा-फटा या गंदा ध्वज: क्षतिग्रस्त, कटा-फटा या गंदा तिरंगा कभी न फहराएं.
- जमीन से स्पर्श: राष्ट्रध्वज को कभी भी जमीन, फर्श या पानी से छूने न दें.
- अन्य झंडों की स्थिति: तिरंगे के बराबर या उससे ऊंचा कोई अन्य झंडा या पताका (Bunting) नहीं लगाया जाना चाहिए.
- सजावट में उपयोग पर रोक: ध्वज का उपयोग सजावट, पर्दे, टेबल क्लॉथ या किसी वस्तु को ढकने के लिए न करें.
- कपड़ों पर इस्तेमाल: इसे कमर के नीचे पहने जाने वाले कपड़ों, रुमाल, कुशन या परिधानों पर प्रिंट नहीं किया जाना चाहिए.
क्षतिग्रस्त ध्वज का निष्पादन (Disposal)
यदि राष्ट्रध्वज क्षतिग्रस्त हो जाता है या मलीन हो जाता है, तो उसे फेंकने या इधर-उधर छोड़ने के बजाय मर्यादा और एकांत (Private) में नष्ट किया जाना चाहिए. इसके लिए इसे एकांत स्थान पर सम्मानपूर्वक जलाकर या मोड़कर भूमि में दफनाकर निस्तारित करने का नियम है.