Hariyali Teej 2026 Messages: हैप्पी हरियाली तीज! इन खास हिंदी संदेशों, विशेज, शायरी और कोट्स के जरिए अपनों को दें बधाई
सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी 15 अगस्त 2026 को देश भर में हरियाली तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा है. इस अवसर पर सुहागिन महिलाएं और प्रियजन एक-दूसरे को व्हाट्सएप संदेशों, फोटो और कोट्स के जरिए तीज की शुभकामनाएं भेज सकते हैं.
Hariyali Teej 2026 Messages in Hindi: श्रावण (सावन) मास (Sawan Maas) के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरियाली तीज (Hariyali Teej) का पर्व इस वर्ष 15 अगस्त 2026 (शनिवार) को भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. श्रावणी तीज, छोटी तीज और मधुश्रवा तीज जैसे विभिन्न नामों से जाना जाने वाला यह उत्सव मुख्य रूप से उत्तर भारतीय राज्यों—उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, पंजाब और हरियाणा में विशेष रूप से प्रसिद्ध है.
इस पावन अवसर पर जहां सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं लोग अपने परिजनों, दोस्तों और सखी-सहेलियों को सोशल मीडिया के जरिए बधाई संदेश भेजकर पर्व की खुशी साझा कर रहे हैं. इस पर्व के मौके पर आप अपने करीबियों और सहेलियों को निम्नलिखित हिंदी संदेश और विशेज (WhatsApp Wishes) भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं.
शिव-पार्वती का पावन मिलन और हरियाली तीज का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज का त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य पुनर्मिलन को समर्पित है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए 108 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी. इसी तिथि को भगवान शिव ने प्रसन्न होकर माता पार्वती को अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था.
यह पर्व विवाहित महिलाओं के लिए करवा चौथ जितना ही महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन सुहागिन स्त्रियां सोलह श्रृंगार करके मिट्टी से बने शिव-पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं. वहीं, अविवाहित कन्याएं मनचाहा और योग्य जीवनसाथी पाने की कामना से यह व्रत रखती हैं.
हरे रंग और 'सिंजारा' का विशेष महत्व
हरियाली तीज के दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है। हरा रंग सावन की प्राकृतिक सुंदरता, सुख और नई उमंग का प्रतीक माना जाता है. इस दिन महिलाएं हरे रंग की साड़ी या सूट के साथ हरी चूड़ियां और आभूषण पहनती हैं.
परंपरा के अनुसार, नवविवाहित महिलाओं को इस अवसर पर उनके ससुराल या मायके पक्ष से 'सिंजारा' (Singhara) भेजा जाता है, जिसमें पारंपरिक कपड़े, चूड़ियां, मेहंदी, सिंदूर, फल और घेवर-फेनी जैसे मिष्ठान शामिल होते हैं. महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाकर और पेड़ों पर झूले डालकर सावन के लोकगीत गाते हुए इस उत्सव का आनंद लेती हैं.