गणेशोत्सव 2026: मुंबई में कब पधारेंगे बप्पा? जानें गणपति स्थापना की तारीख, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
मुंबई का सबसे बड़ा और चर्चित त्योहार गणेशोत्सव इस वर्ष 14 सितंबर 2026, सोमवार को शुरू हो रहा है. भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की घर-घर और सार्वजनिक पंडालों में स्थापना की जाती है
Ganesh Chaturthi 2026: मुंबई का सबसे बड़ा और चर्चित त्योहार गणेशोत्सव इस वर्ष 14 सितंबर 2026, सोमवार को शुरू हो रहा है. भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की घर-घर और सार्वजनिक पंडालों में स्थापना की जाती है. मुंबई में 10 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव की तैयारियां महीनों पहले से शुरू हो जाती हैं. पूरे शहर में 'गणपति बाप्पा मोरया' की गूंज के साथ यह उत्सव बेहद भव्य रूप में मनाया जाता है.
गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और तिथि
पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी की तिथि 14 सितंबर 2026 को सुबह 7:06 बजे शुरू होगी. गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापना और मध्याह्न पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल (दोपहर के समय) में हुआ था, इसलिए इस समयावधि में प्राण-प्रतिष्ठा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. यह भी पढ़े: Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, राखी बांधने का सही समय और महत्व
विसर्जन की प्रमुख तिथियां
गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है, जो इस वर्ष 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को पड़ेगा. हालांकि, श्रद्धालु अपनी मन्नत और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग दिनों में बप्पा को विदाई देते हैं.
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डेढ़ दिन का विसर्जन: 15 सितंबर 2026
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3 दिन का विसर्जन: 16 सितंबर 2026
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5 दिन का विसर्जन (गौरी-गणपति): 18 सितंबर 2026
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7 दिन का विसर्जन: 20 सितंबर 2026
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10 दिन का विसर्जन (अनंत चतुर्दशी): 25 सितंबर 2026
मुंबई गणेशोत्सव का सांस्कृतिक व सामाजिक महत्व
मुंबई में गणेशोत्सव का केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि बड़ा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी है. लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने ब्रिटिश शासन काल में लोगों को एकजुट करने के उद्देश्य से इस व्यक्तिगत पूजा को सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया था. आज मुंबई का गणेशोत्सव दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहां लालबागचा राजा, लालबाग का राजा (गणेश गल्ली), जीएसबी सेवा मंडल और चिंचपोकली चा चिंतामणि जैसे प्रमुख मंडल भव्य पंडालों का आयोजन करते हैं.