Dussehra 2026: देश भर में विजयदशमी की धूम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, PM मोदी ने दी शुभकामनाएं

देश भर में असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक पर्व विजयदशमी (दशहरा) पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. जगह-जगह रावण दहन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और लोग एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दे रहे हैं.

दशहरा 2026 (Photo Credits: File Image)

 Dussehra 2026:  देशभर में बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का महान पर्व विजयदशमी (दशहरा) मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को पूरी श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर पर सुबह से ही मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का दौर जारी है और लोग एक-दूसरे को गले मिलकर तथा सोशल मीडिया के माध्यम से पर्व की बधाइयां दे रहे हैं.

विभिन्न राज्यों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों के दहन के लिए भव्य मेलों और आयोजनों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जहां शाम को हजारों की संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है.

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी बधाई

इस पावन अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को विजयदशमी की बधाई देते हुए अपने संदेश में कहा कि यह पर्व हमें सच्चाई, संयम और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा कि यह पावन पर्व जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करे तथा हर बुराई पर विजय प्राप्त करने का संकल्प मजबूत करे.

मेलों और रावण दहन की व्यापक तैयारियां

राजधानी दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में रामलीलाओं का समापन आज रावण दहन के साथ होगा. सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच ऐतिहासिक मैदानों पर बड़े-बड़े पुतले खड़े किए गए हैं.

विशेषकर दिल्ली के लाल किला मैदान, रामलीला मैदान और अन्य प्रमुख स्थलों पर होने वाले आयोजनों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है. स्थानीय प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

विजयदशमी का पर्व केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है. शस्त्र पूजन की परंपरा के तहत विभिन्न सुरक्षा बलों और संस्थानों में भी इस पर्व को उत्साह के साथ मनाया जा रहा है.

बाजारों में भी खरीदारों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिली है. देश के विभिन्न कोनों से शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाए जाने की खबरें आ रही हैं.

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