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Ashadhi Ekadashi 2026 Wishes: हैप्पी आषाढ़ी एकादशी! प्रियजनों संग शेयर करें ये शानदार WhatsApp Status, GIF Greetings, HD Images और Wallpapers

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी आषाढ़ी एकादशी 25 जुलाई 2026 को देश भर में मनाई जा रही है. इस पावन तिथि से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है. महाराष्ट्र में यह दिन प्रसिद्ध पंढरपुर वारी यात्रा के समापन का प्रतीक है.

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आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व रखने वाली आषाढ़ी एकादशी (Ashadhi Ekadashi) (जिसे देवशयनी एकादशी, हरिशयनी एकादशी और पद्मनाभा एकादशी भी कहा जाता है) इस वर्ष 25 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में चार महीने की गहन योग निद्रा के लिए चले जाते हैं. इसी तिथि से पवित्र चातुर्मास की शुरुआत होती है, जिसके साथ ही अगले चार महीनों तक विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है.

चातुर्मास और धार्मिक मान्यताएं

आषाढ़ी एकादशी से शुरू होने वाला चातुर्मास कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी तक चलता है. इस अवधि में भगवान विष्णु सृष्टि के संचालन का दायित्व भगवान शिव को सौंपकर योग निद्रा में रहते हैं.

यही कारण है कि चातुर्मास के दौरान भक्ति, जप, तप, ध्यान और सात्विक जीवन शैली अपनाने का विशेष विधान है. इस दौरान व्रत-उपवास करने से शारीरिक और मानसिक शुद्धि प्राप्त होती है.

पंढरपुर वारी यात्रा का समापन

महाराष्ट्र में आषाढ़ी एकादशी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भक्ति भाव से मनाया जाता है. यह दिन सोलापुर जिले के पंढरपुर स्थित प्रसिद्ध विठोबा (विट्ठल-रुक्मिणी) मंदिर तक निकलने वाली वार्षिक 'पंढरपुर वारी यात्रा' के आधिकारिक समापन का प्रतीक है.

देहू से संत तुकाराम और आलंदी से संत ज्ञानेश्वर की पालकी के साथ लाखों तीर्थयात्री (जिन्हें वारकरी कहा जाता है) सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा तय करके पंढरपुर पहुंचते हैं. आषाढ़ी एकादशी के दिन वारकरी चंद्रभागा नदी में पवित्र स्नान कर भगवान विट्ठल और माता रुक्मिणी का दर्शन-पूजन करते हैं.

1- आषाढ़ी एकादशी की शुभकामनाएं

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

2- शुभ आषाढ़ी एकादशी

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

3- हैप्पी आषाढ़ी एकादशी

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

4- आषाढ़ी एकादशी की हार्दिक बधाई

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

5- आषाढ़ी एकादशी 2026

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

आषाढ़ी एकादशी व्रत एवं पूजा विधि

एकादशी व्रत के नियमों का पालन दशमी तिथि की संध्या से ही शुरू हो जाता है:

  • प्रातः स्नान व संकल्प: एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लिया जाता है.
  • भगवान विष्णु की पूजा: पूजा स्थल पर भगवान विष्णु या भगवान विट्ठल की प्रतिमा स्थापित कर पीले फूल, तुलसी पत्र, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किया जाता है.
  • मंत्र जाप व पाठ: दिन भर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और रात्रि में भजन-कीर्तन (जागरण) करने की परंपरा है.
  • व्रत का पारण: एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन व दान-दक्षिणा देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2026 01:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).