Bihar Weather Alert: बिहार के 17 जिलों में बारिश, वज्रपात और आंधी का येलो अलर्ट; 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, जानें अगले 72 घंटों का पूर्वानुमान
बिहार में जारी उमस भरी गर्मी और छिटपुट बारिश के बीच मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने सोमवार, 14 सितंबर को राज्य के 17 जिलों के लिए मौसम का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने (वज्रपात) और हल्की बारिश होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 72 घंटों का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 15 सितंबर से सीमांचल सहित उत्तर और दक्षिण-पूर्वी बिहार में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी, जबकि 16 सितंबर को लगभग समूचे राज्य में बारिश का दायरा बढ़ जाएगा.
पटना: बिहार (Bihar) के विभिन्न हिस्सों में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है. एक तरफ कुछ जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी पटना (Patna) समेत कई जिले भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी की चपेट में हैं. इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को राज्य के 17 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है.
मौसम विभाग के अनुसार, चिन्हित जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चल सकती हैं. प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों से सतर्क रहने और खुले में न निकलने की अपील की है. यह भी पढ़ें: Bihar Flood News: बिहार समेत पटना में बाढ़ का कहर, लाखों लोग बेघर, यहां पढ़ें दिनभर की बड़ी खबरें
इन 17 जिलों के लिए जारी किया गया अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तर, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बिहार के निम्नलिखित 17 जिलों में मौसमी गतिविधियों का असर देखा जा सकता है:
- उत्तर व सीमांचल क्षेत्र: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज.
- सारण प्रमंडल व मध्य क्षेत्र: गोपालगंज, सारण और सीवान.
- दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र: बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर.
इन सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (ठनका) की आशंका जताई गई है, जिसको लेकर स्थानीय आपदा प्रबंधन इकाइयों को भी सतर्क कर दिया गया है.
अगले 72 घंटों का आउटलुक: 15 और 16 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का दायरा
रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के दौरान राज्य भर में अलग-अलग मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने की संभावना जताई है:
- 15 सितंबर (मंगलवार): बिहार के लगभग आधे हिस्से के लिए येलो अलर्ट रहेगा. विशेष रूप से सीमांचल क्षेत्र (पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज) में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि उत्तर बिहार और दक्षिण-पूर्वी जिलों में छिटपुट वर्षा के आसार हैं.
- 16 सितंबर (बुधवार): बारिश की गतिविधियां राज्य के अधिकांश जिलों में फैल जाएंगी. केवल बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में अपेक्षाकृत सामान्य स्थिति रहने की संभावना है, जबकि शेष राज्य में तेज हवाओं और वज्रपात के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
बिहार में सामान्य से कम क्यों हुई बारिश?
मानसून सत्र 2026 में बिहार अब तक सामान्य से कम वर्षा (Rainfall Deficit) दर्ज कर रहा है. मौसम वैज्ञानिकों ने इसके पीछे मौसमी प्रणालियों के विस्थापन को मुख्य कारण बताया है:
- सेंट्रल इंडिया में बना सिस्टम: मध्य भारत के ऊपर बने एक मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र (Low-Pressure Area) के चलते मानसूनी हवाएं और बारिश की मुख्य गतिविधियां मध्य भारत, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उत्तरी गुजरात की ओर स्थानांतरित हो गई हैं.
- ट्रफ रेखा की स्थिति: मानसून ट्रफ रेखा भी मध्य भारत से होकर गुजर रही है, जिसके चलते बिहार के ऊपर मानसूनी प्रवाह कमजोर पड़ गया है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में केवल स्थानीय संवहनी बादलों (Convective Clouds) के कारण हल्की वर्षा ही दर्ज हो पा रही है.
तापमान का हाल: भभुआ सबसे गर्म, पटना में धूप-छांव का खेल
रविवार को राज्य के तापमान में व्यापक उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया:
- अधिकतम तापमान: राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान कैमूर के भभुआ में 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
- न्यूनतम तापमान: सबसे कम न्यूनतम तापमान अररिया के फारबिसगंज में 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
- पटना की स्थिति: राजधानी पटना में सोमवार को तेज धूप के साथ उमस भरा मौसम बना रहने की संभावना है. पटना के लिए फिलहाल कोई बड़ा वर्षा अलर्ट नहीं है, हालांकि स्थानीय स्तर पर बादलों के बनने से तेज हवाओं के साथ कुछ इलाकों में अचानक हल्की बूंदाबांदी हो सकती है.
आपदा प्रबंधन विभाग की नागरिकों को सलाह
मौसम विभाग ने विशेष रूप से येलो अलर्ट वाले जिलों के किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें. आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पक्के मकानों में शरण लें और ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या धातु के ढांचों के पास बिल्कुल न खड़े हों.