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Agneepath Scheme: अग्निपथ योजना को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती, याचिका पर 12 दिसंबर को होगी सुनवाई

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह पहले केंद्र की अग्निपथ योजना को सीधे तौर पर चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा और फिर कुछ पुराने विज्ञापनों के तहत सशस्त्र बलों के लिए भर्ती प्रक्रिया से संबंधित याचिकाओं पर फैसला करेगा

Agneepath Scheme: अग्निपथ योजना को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती, याचिका पर 12 दिसंबर को होगी सुनवाई

नयी दिल्ली, 18 नवंबर: दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह पहले केंद्र की अग्निपथ योजना को सीधे तौर पर चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा और फिर कुछ पुराने विज्ञापनों के तहत सशस्त्र बलों के लिए भर्ती प्रक्रिया से संबंधित याचिकाओं पर फैसला करेगा. Kashi Tamil Sangamam: वाराणसी का दौरा करेंगे पीएम मोदी, काशी तमिल संगमम का करेंगे शुभारंभ

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि वह योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 12 दिसंबर को सुनवाई करेगी. पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से अग्निपथ योजना और पिछले कुछ विज्ञापनों के तहत सशस्त्र बलों के लिए भर्ती प्रक्रियाओं से संबंधित याचिकाओं को अलग करने को और अदालत के समक्ष चार्ट प्रस्तुत करने को कहा.

पीठ ने कहा, ‘‘पहले हम अग्निवीर मामले को देखेंगे. यहां प्रमुख मुद्दा अग्निवीर है. यह हमारी राय है. इस मुद्दे पर इस तरह फैसला हो या उस तरह, असर दूसरे मामलों पर भी होगा.’’ पीठ ने कहा कि अदालत सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई नहीं कर सकती इसलिए पहले अग्निपथ मुद्दे को लेगी.

पीठ ने कहा, ‘‘हम इसे 12 दिसंबर को दोपहर ढाई बजे लेंगे.’’ एक याचिकाकर्ता की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने अनुरोध किया कि दिन प्रतिदिन आधार पर मामले में सुनवाई की जाए, जिस पर पीठ ने कहा कि वह इस पर विचार करेगी.

पीठ ने कहा कि केंद्र द्वारा दायर जवाब केवल अग्निपथ योजना तक सीमित है और अन्य याचिकाओं से इसका लेनादेना नहीं है और यदि सरकार कुछ जोड़ना चाहती है तो वह ऐसा कर सकती है.

अदालत ने पक्षों को मामले में अन्य कोई अतिरिक्त जवाब सुनवाई की अगली तारीख से पहले दाखिल करने की स्वतंत्रता दी.

केंद्र ने अग्निपथ योजना और पिछले कुछ विज्ञापनों के तहत सशस्त्र बलों के लिए भर्ती प्रक्रियाओं से संबंधित अनेक याचिकाओं पर अपना संयुक्त जवाब पहले ही दाखिल किया था. इसमें केंद्र सरकार ने कहा कि अग्निपथ योजना में कोई कानूनी कमजोरी नहीं है.

सरकार ने कहा था कि अग्निपथ योजना राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत, अभेद्य एवं बदलती सैन्य जरूरतों के अनुरूप बनाने के उसके संप्रभु कर्तव्य को पूरा करते हुए लाई गयी.

योजना की घोषणा 14 जून को की गयी थी.

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2022 08:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).