देश

उत्तराखंड में नकली पनीर, घी और मक्खन पर बैन, जानें सरकार ने क्यों लिया यह बड़ा फैसला

खाद्य सुरक्षा विभाग अब पूरे उत्तराखंड में जांच अभियान चलाएगा और संदिग्ध उत्पादों की लैब जांच कराएगा. जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, उत्पाद जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की जाएगी.

उत्तराखंड में नकली पनीर, घी और मक्खन पर बैन, जानें सरकार ने क्यों लिया यह बड़ा फैसला

Uttarakhand Banned Dairy Analogue Products: उत्तराखंड सरकार ने राज्यभर में नकली और घटिया डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. इस फैसले के तहत ऐसे पनीर, घी, मक्खन और अन्य डेयरी उत्पादों पर रोक लगाई गई है, जिन्हें शुद्ध दूध की बजाय वनस्पति तेल, स्टार्च और रसायनों से तैयार किया जाता है. सरकार ने यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की है. Non-Dairy Paneer Ban: महाराष्ट्र में नॉन-डेयरी पनीर पर एक साल का प्रतिबंध; उल्लंघन पर जेल और जुर्माना

उत्तराखंड सरकार ने नकली डेयरी उत्पादों पर क्यों लगाया प्रतिबंध?

स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त विनय शंकर पांडेय द्वारा 7 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार, कुछ कारोबारी ऐसे उत्पादों को असली डेयरी उत्पाद बताकर बेच रहे थे, जबकि उनमें शुद्ध दूध का इस्तेमाल नहीं किया जाता था. इससे उपभोक्ताओं के साथ धोखा होने की आशंका रहती है. सरकार का कहना है कि यह कदम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है.

पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश

सरकार का यह आदेश पूरे उत्तराखंड में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग अब यह सुनिश्चित करेगा कि बाजार में बिकने वाले डेयरी उत्पाद तय मानकों के अनुरूप हों और उपभोक्ताओं को किसी तरह की मिलावटी या नकली सामग्री न बेची जाए.

राज्यभर में चलेगा विशेष जांच अभियान

प्रतिबंध के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग पूरे राज्य में विशेष निरीक्षण अभियान चलाएगा. इस दौरान डेयरी निर्माण इकाइयों, गोदामों, थोक और खुदरा बाजारों, होटल, रेस्तरां और मिठाई की दुकानों की जांच की जाएगी. संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं.

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दोषी पाए जाने पर उत्पाद जब्त किए जा सकते हैं और संबंधित कारोबारी का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.

किन उत्पादों पर लागू होगा प्रतिबंध?

सरकार के आदेश के अनुसार निम्न प्रकार के उत्पाद प्रतिबंध के दायरे में आएंगे.

शुद्ध दूध की जगह अन्य सामग्री से तैयार किया गया पनीर.

वनस्पति तेल या अन्य गैर-डेयरी सामग्री से बनाया गया घी.

असली डेयरी सामग्री की जगह विकल्पों से तैयार किया गया मक्खन.

ऐसे अन्य उत्पाद जिन्हें डेयरी उत्पाद बताकर बेचा जाता है, लेकिन उनकी संरचना उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकती है.

आगे क्या होगा?

खाद्य सुरक्षा विभाग अब पूरे उत्तराखंड में जांच अभियान चलाएगा और संदिग्ध उत्पादों की लैब जांच कराएगा. जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, उत्पाद जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 08, 2026 08:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).