नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) (NTA) राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के री-एग्जाम के परिणाम घोषित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है. एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, री-नीट परीक्षा के नतीजे 20 जुलाई 2026 तक जारी कर दिए जाएंगे. एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित होने और प्रोविजनल आंसर-की (Provisional Answer Key) के खिलाफ लगभग 10,000 आपत्तियां दर्ज होने के बावजूद, मेडिकल (MBBS/BDS) के नए सत्र की पढ़ाई में कोई देरी नहीं होगी. यह भी पढ़ें: NEET-UG 2026 Re-Exam: देशभर में कड़ी सुरक्षा के बीच नीट-यूजी री-एग्जाम शुरू, शाम 5:15 बजे तक चलेगी परीक्षा
मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज करने में जुटा NTA
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया गया है. आम तौर पर परीक्षा संपन्न होने के 45 दिनों के भीतर परिणाम घोषित किए जाते हैं, लेकिन इस बार एनटीए रिकॉर्ड समय में नतीजे जारी करने की कोशिश में है.
एजेंसी ने 25 जून को प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी और उम्मीदवारों को आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 28 जून तक का समय दिया था. इस तीन दिवसीय विंडो के दौरान एनटीए को करीब 10,000 चुनौतियां प्राप्त हुईं. अधिकारी के अनुसार, विषय विशेषज्ञों की टीम उम्मीदवारों द्वारा दिए गए साक्ष्यों के साथ प्रत्येक आपत्ति की बारीकी से जांच कर रही है. इसके तुरंत बाद फाइनल आंसर-की और रिजल्ट जारी किया जाएगा.
काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया पर असर नहीं
एनटीए ने भरोसा दिलाया है कि इस साल का शैक्षणिक सत्र (Academic Session) समय पर शुरू होगा. आमतौर पर एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं अगस्त या सितंबर में शुरू होती हैं और इस साल भी इसी टाइमलाइन का पालन होने की उम्मीद है.
परिणाम घोषित होने के बाद, मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा (AIIMS, JIPMER और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सीटों) के लिए काउंसलिंग शेड्यूल जारी करेगी. इसके बाद, संबंधित राज्य सरकारें अपने स्तर पर शेष 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों को भरने के लिए अलग से काउंसलिंग आयोजित करेंगी.
क्या है परीक्षा की पृष्ठभूमि?
याद दिला दें कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई मूल नीट यूजी परीक्षा में 20 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे, लेकिन कथित पेपर लीक (Paper Leak) के आरोपों के बाद सरकार ने उस परीक्षा को रद्द कर दिया था. इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा (Re-NEET) आयोजित की थी.
सत्र में होने वाली देरी से बचने के लिए तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों की मेडिकल चयन समितियों ने नीट परिणामों की प्रत्याशा में पहले से ही प्रारंभिक प्रवेश प्रक्रिया और आवेदन फॉर्म स्वीकार करना शुरू कर दिया है. मानक प्रक्रिया के तहत छात्रों को उनके नीट रैंक, श्रेणी और कॉलेज प्राथमिकताओं के आधार पर सीटें आवंटित की जाएंगी.












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