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क्या उम्मीदें हैं भारत के विदेश सचिव की बांग्लादेश यात्रा से

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की ढाका यात्रा शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद भारत की तरफ से पहली उच्च स्तरीय यात्रा है.

क्या उम्मीदें हैं भारत के विदेश सचिव की बांग्लादेश यात्रा से
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की ढाका यात्रा शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद भारत की तरफ से पहली उच्च स्तरीय यात्रा है. इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में आई दरारों को भरने की उम्मीद की जा रही है.बांग्लादेश में अस्थिरता और हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों के आरोपों के बीच, मिस्री भारतीय वायु सेना के एक जहाज से सोमवार सुबह 8.30 बजे ढाका पहुंचे. उनका स्वागत बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय में डायरेक्टर जनरल (दक्षिण एशिया) इशरत जहां ने किया. बतौर विदेश सचिव, यह मिस्री की पहली बांग्लादेश यात्रा है.

अगस्त, 2024 में शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद यह ढाका में दोनों देशों के बीच पहली उच्च स्तरीय बैठक भी है. एक दिन की इस यात्रा के दौरान मिस्री बांग्लादेश में अपने समकक्ष मोहम्मद जसीम उद्दीन से बातचीत करेंगे.

हिंदुओं पर हमलों पर हो सकती है चर्चा

आधिकारिक बातचीत के बाद वो बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में विदेशी मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन और मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से भी मिलेंगे. मिस्री सोमवार रात ही नई दिल्ली लौट जाएंगे.

उम्मीद की जा रही है की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन, नदियों के पानी, व्यापार आदि पहले से लंबित मामलों के अलावा बीते कुछ महीनों में सामने आईं चुनौतियों पर भी चर्चा होगी.

हसीना सरकार के गिरने के बाद भारत कई बार आधिकारिक तौर से यह कह चुका है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ गई है और इसे रोका जाना चाहिए. ढाका में अंतरिम सरकार ने बार बार यही कहा है कि वो सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और हिंदुओं पर हमलों के मामलों को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया जा रहा है.

बीते कुछ हफ्तों से बांग्लादेश में एक हिंदू नेता की गिरफ्तारी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. 25 नवंबर को हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास को राजद्रोह समेत कई आरोपों के तहत ढाका हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया था.

इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा था कि वो दास की गिरफ्तारी और उनकी जमानत की अर्जी अस्वीकार किए जाने को लेकर बेहद चिंतित है.

हसीना के प्रत्यर्पण का सवाल

मंत्रालय का कहना था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में अल्पसंख्यकों के मकानों और दुकानों में लूटपाट, उन्हें जला देने के और मंदिरों में तोड़ फोड़ और अपवित्रीकरण के कई मामलों में शामिल लोग खुला घूम रहे हैं जबकि शांतिपूर्ण ढंग से वाजिब मांगें रखने वाले एक धार्मिक नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है.

उम्मीद की जा रहे है कि इस मामले पर भी चर्चा होगी. मिस्री की यात्रा शुरू होने से पहले विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने बांग्लादेशी मीडिया से कहा कि उन्हें भरोसा है कि यात्रा से मौजूदा गतिरोध का समाधान ढूंढने में सहायता मिलेगी.

हालांकि मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने पत्रकारों को बताया कि ढाका को नई दिल्ली के साथ "रिश्तों के सुधरने" की उम्मीद है, लेकिन उसे यह भी उम्मीद है कि संबंध "न्यायपूर्णता" पर आधारित होंगे.

अटकलें लग रही हैं कि बांग्लादेशी अधिकारी अगस्त से भारत में रह रहीं शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर भी चर्चा कर सकते हैं. हुसैन ने पत्रकारों से कहा कि उनकी सरकार हसीना को देश वापस ला कर उन पर मुकदमा चलाना चाहती है. हालांकि बांग्लादेश ने अभी तक प्रत्यर्पण के लिए आधिकारिक रूप से भारत से अनुरोध नहीं किया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 09, 2024 02:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).