Satish Bhati Arrested: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद वांटेड अपराधी सतीश भाटी गिरफ्तार

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में दिल्ली पुलिस और एक अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसके बाद 22 वर्षीय वांछित अपराधी सतीश भाटी को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी के पास से हथियार और चोरी के मोबाइल बरामद हुए हैं.

दिल्ली पुलिस (Photo Credits: X/@DDNewsLive)

नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली (South-East Delhi) में शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए वांछित अपराधी सतीश भाटी (22) (Satish Bhati) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस और आरोपी के बीच यह मुठभेड़ महरौली-बदरपुर (एमबी) रोड के पास हुई. पुलिस ने आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिलने के बाद जाल बिछाया था. घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे दबोच लिया. यह भी पढ़ें: KRK Arrested: कमाल आर खान गिरफ्तार, मुंबई की रिहायशी इमारत पर 4 गोलियां चलाने का आरोप; पुलिस जांच में जुटी

मुठभेड़ और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात दक्षिण-पूर्वी जिले के 'स्पेशल स्टाफ' को सतीश भाटी की मूवमेंट की खबर मिली थी. पुलिस टीम ने एमबी रोड के पास एक ट्रैप लगाया. जब सतीश को मोटरसाइकिल पर आता देख रुकने का इशारा किया गया, तो उसने रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की और बहादुरी से आरोपी को काबू कर लिया. इस ऑपरेशन में किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है.

दिल्ली पुलिस ने वांटेड अपराधी सतीश भाटी को गिरफ्तार किया (वीडियो)

हथियार और चोरी का सामान बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घटना स्थल की सघन तलाशी ली, जिसमें कई महत्वपूर्ण चीजें बरामद हुईं:

आरोपी का आपराधिक इतिहास

22 वर्षीय सतीश भाटी पुलिस रिकॉर्ड में एक 'आदतन अपराधी' के रूप में दर्ज है. उस पर दिल्ली के विभिन्न थानों में छीना-झपटी (Snatching) और सशस्त्र डकैती (Armed Robbery) के कई मामले दर्ज हैं. वह लंबे समय से पुलिस की रडार पर था और कई वारदातों में उसकी तलाश जारी थी.

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

दिल्ली पुलिस ने सतीश भाटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. उस पर हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा डालने और अवैध हथियार रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

फिलहाल पुलिस बरामद किए गए 6 मोबाइल फोन के डेटा की जांच कर रही है ताकि उनके असली मालिकों का पता लगाया जा सके और उन्हें पुरानी शिकायतों (FIR) से जोड़ा जा सके. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं और उसे अवैध हथियार कहाँ से सप्लाई किए गए थे.

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