Visakhapatnam News: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में अजीबोगरीब मामला, रात में सोते समय 10 छात्राओं की चोटियां कटने से हॉस्टल में बवाल, पुलिस जांच में जुटी

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में रात में सोते समय कक्षा 9 की 10 छात्राओं की चोटियां कटने से हड़कंप मच गया है. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और लापरवाही को लेकर स्टाफ को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है.

Hostel

 Visakhapatnam News:  आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले से छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल प्रबंधन से जुड़ा एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. भीमुनिपटनम मंडल के कृष्णापुरम स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में कक्षा 9 की 10 छात्राओं के बाल रात में सोते समय काट दिए गए. सुबह उठकर जब छात्राओं ने कटी हुई चोटियां देखीं, तो पूरे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया. इस घटना के बाद छात्राओं में डर का माहौल है और हॉस्टल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं.

सोते समय कटी पाई गईं चोटियां

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 16 सितंबर की रात की है. उस रात कक्षा 9 की छह छात्राएं एक कमरे में और चार छात्राएं दूसरे कमरे में सो रही थीं. सुबह जब वे उठीं, तो सभी 10 छात्राओं ने देखा कि उनकी चोटियां कटी हुई हैं. शुरुआत में यह आशंका जताई गई कि कोई अज्ञात व्यक्ति रात में सुरक्षा घेरा तोड़कर हॉस्टल परिसर में घुसा और छात्राओं के बाल काट दिए. खबर सोशल मीडिया पर फैलने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया.

विधायक और पुलिस ने लिया जायजा

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक घंटा श्रीनिवास राव केजीबीवी पहुंचे. उन्होंने स्कूल प्रशासन, प्रभावित छात्राओं और उनके अभिभावकों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली. इसके बाद भीमुनिपटनम के थाना प्रभारी जी. दिवाकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हॉस्टल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया. पुलिस ने स्टाफ और छात्राओं से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की कि क्या रात में कोई बाहरी व्यक्ति अंदर आया था.

बाहरी व्यक्ति के प्रवेश के सबूत नहीं

प्रारंभिक जांच में पुलिस को ऐसा कोई ठोस सबूत या संकेत नहीं मिला है, जिससे यह सिद्ध हो सके कि कोई बाहरी व्यक्ति हॉस्टल के अंदर घुसा था. पुलिस को संदेह है कि इस घटना में कुछ सहपाठी छात्राएं ही शामिल हो सकती हैं. हालांकि, बाल काटने के पीछे का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य भौतिक साक्ष्यों की जांच कर मामले की सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रही है.

स्टाफ को नोटिस और छात्राओं की काउंसलिंग

प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए रात की ड्यूटी पर तैनात केजीबीवी प्रिंसिपल, दो शिक्षकों और एक महिला नाइट-वॉचमैन को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है. अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि रात के समय छात्राओं की निगरानी में कोई लापरवाही हुई थी या नहीं. इसके साथ ही प्रभावित छात्राओं का डर दूर करने के लिए उनकी काउंसलिंग कराई गई है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

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