Vikas Dubey Encounter: STF ने प्रेस नोट जारी कर बताया विकास दुबे के मुठभेड़ की पूरी सच्चाई
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में 8 जवानों की हत्या करने वाला मुख्य आरोपी विकास दुबे शुक्रवार यानि आज एसटीएफ व पुलिस द्वारा एनकाउंटर में ढेर में हो गया. इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस के चार कर्मचारी भी बुरी तरह से घायल हो गए हैं. घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए कानपुर स्थित लाला लाजपत राय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर जिले (Kanpur) में 8 जवानों की हत्या करने वाला मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) शुक्रवार यानि आज एसटीएफ व पुलिस द्वारा एनकाउंटर में ढेर में हो गया. इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस के चार कर्मचारी भी बुरी तरह से घायल हो गए हैं. घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए कानपुर स्थित लाला लाजपत राय अस्पताल (Lala Lajpat Rai Hospital) में भर्ती कराया गया है.
वहीं इस घटना में एसटीएफ (STF) ने एक प्रेस नोट जारी किया है. एसटीएफ का कहना है कि अपराधी विकास दुबे को पुलिस उपाधीक्षक श्री तेजबहादुर सिंह के अगुवाई में लाया जा रहा था, लेकिन इस दौरान वाहन के सामने पशुओं का एक झुंड सामने आ गया था, जिससे हादसा हुआ. इसका फायदा उठाकर विकास भागने लगा, पुलिस ने विकास दुबे को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फायरिंग करता रहा. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विकास को गोली लगी और अस्पताल ले जाने पर उस मृत घोषित कर दिया गया.
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बता दें कि विकास दुबे ने 9 जुलाई सुबह करीब 9.30 बजे के करीब उज्जैन के महाकाल मंदिर में सरेंडर किया था. दुबे को पकड़ने के लिए पिछले एक हफ्ते से पुलिस की कई टीमें सक्रिय थीं, लेकिन वह लगातार चकमा दे रहा था. सरकार ने विकास दुबे के उपर 5 लाख रूपये का इनाम रखा था.
दुबे को शुक्रवार यानि आज कानपुर लाया जा रहा था. इस दौरान अचानक गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे एक घायल पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने लगा. पुलिस ने उसे सरेंडर का मौका दिया, लेकिन विकास दुबे ने इस दौरान फायरिंग करनी शुरू कर दी. जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी और चिकित्सा के लिए अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई.