देश

Vikas Bharat Ambassador: अश्विनी वैष्णव बोले, 'भारत ने 10 सालों में जर्मनी के बराबर 31,000 किमी रेल नेटवर्क जोड़ा'

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित 'विकसित भारत एंबेसडर' कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 से पहले रेलवे को पॉलिटिकली दूध देने वाली गाय की तरह प्रयोग किया जाता था. ऐसे कई मंत्री हैं, जिन्हें रेलवे के विकास से कुछ लेना-देना नहीं था.

Vikas Bharat Ambassador: अश्विनी वैष्णव बोले, 'भारत ने 10 सालों में जर्मनी के बराबर 31,000 किमी रेल नेटवर्क जोड़ा'
Ashwini Vaishnav (ANI)

नई दिल्ली, 16 मई : भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित 'विकसित भारत एंबेसडर' कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 से पहले रेलवे को पॉलिटिकली दूध देने वाली गाय की तरह प्रयोग किया जाता था. ऐसे कई मंत्री हैं, जिन्हें रेलवे के विकास से कुछ लेना-देना नहीं था. उन्होंने सिर्फ अपने संसदीय क्षेत्र या कुछ लोगों के लिए विकास किया था. 2014 के पहले के 60 साल तक देश में एक ही परिवार ने शासन किया. उन 60 सालों में रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन मात्र 20 हजार किलोमीटर हुआ. लेकिन, 2014 से 2024 में रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन 44 हजार किलोमीटर हुआ. 1950 से 1970 तक रेलवे में जो काम होना चाहिए था, ताकि, रेलवे की कैपेसिटी, जनसंख्या और इकोनॉमी के हिसाब से बढ़ाई जा सके, करीब 40-50 साल तक रेलवे को इग्नोर करके रखा गया.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आगे बताया, ''2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से प्रतिदिन 4 किलोमीटर के हिसाब से रेलवे नेटवर्क बिछाया गया. मतलब, साल भर में 1,200-1,500 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गई. 31 मार्च 2024 को फाइनेंशियल ईयर तक 5,300 किलोमीटर रेलवे नेटवर्क को जोड़ा गया है, एक साल में स्विट्जरलैंड के रेलवे नेटवर्क 5,000 किलोमीटर के बराबर जोड़ा गया है. इससे पहले साल में 5,200 किलोमीटर पटरियां बिछाई गई.'' यह भी पढ़ें : Bengal School Recruitment Scam: सीबीआई को डब्ल्यूबीएसएससी के सर्वर से मिले महत्वपूर्ण ई-मेल

उन्होंने बताया, ''मोदी सरकार ने 10 साल में देशभर में रेलवे में 31,000 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक जोड़े. यानी जर्मनी के बराबर देश में रेलवे नेटवर्क को जोड़ा गया है. दुनिया आर्श्चयचकित है कि किस तरह से यह काम संभव हो पा रहा है. देश के 140 करोड़ देशवासियों को एक मॉडर्न ट्रेन की जरूरत थी, क्या उसे 20-30 साल पहले नहीं लाया जा सकता था. लेकिन, यह सौभाग्य भी पीएम मोदी के खाते में आया.''

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''पीएम मोदी को अपने देश के इंजीनियर और डिजाइनरों के टैलेंट पर दृढ़ विश्वास था और उसी विश्वास के कारण पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि हम दूसरे देशों से ट्रेन नहीं लेंगे, हमें खुद से आत्मनिर्भर बनना होगा. इसके बाद वंदे भारत डेवलप हुई. आज वर्ल्ड क्लास ट्रेन के जो भी मानक होते हैं, वो इस ट्रेन में मौजूद हैं. आज देशभर में 1,300 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. महाराष्ट्र में 120 रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का काम चल रहा है. भारत में बुलेट ट्रेन का डिजाइन बनना शुरू हो चुका है. अब भारत में बनी बुलेट ट्रेन भविष्य में एक्सपोर्ट होने वाली है.'' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने देश को एक हीन भावना में रखा हुआ था, जिसमें देश का विकास करने की बजाए हमेशा दूसरों के ऊपर निर्भर रहना पड़ता था. मोदी सरकार के 10 साल में यह माइंडसेट चेंज हुआ है, हम कुछ भी तैयार कर सकते हैं.

उन्होंने मोदी सरकार की कई योजना का जिक्र करते हुए बताया, ''दुनिया के किसी भी देश में गरीबों के लिए इतना बड़ा कार्यक्रम नहीं चलाया जा रहा है. जितना की भारत में चलाया जा रहा है.'' अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम में इसके उदाहरण भी दिए. उन्होंने कहा, ''जापान की जनसंख्या के करीब भारत में 10 करोड़ लोगों को पीएम उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर दिए गए. 13 करोड़ लोगों को पानी के कनेक्शन दिए गए, 4 करोड़ गरीबों के नए पक्के घर बनवाए गए. इसके अलावा हर महीने 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रहे हैं यानी यूरोप और अमेरिका की जनसंख्या के बराबर गरीब लोगों को 4 साल से मुफ्त राशन दिया जा रहा है.''

(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2024 02:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).