VIDEO: गोंडा में बुर्का पहनाकर डांस कराने वाले स्कूल के खिलाफ BSA का बड़ा एक्शन, संस्थान गैर-मान्यता प्राप्त पाए जाने पर सील
15 अगस्त के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में स्कूली छात्राएं बुर्का पहनकर डांस करती हुई नजर आ रही थीं. मामला संज्ञान में आते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए.
UP Burqa Dance Controversy: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक निजी स्कूल पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है. छपिया विकास खंड के औसानी गांव स्थित 'नॉलेज बीम एकेडमी' में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान छात्राओं द्वारा बुर्का पहनकर डांस करने का वीडियो वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए थे. जांच के दौरान स्कूल बिना किसी मान्यता के अवैध रूप से संचालित पाया गया, जिसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को सील कर दिया.
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
15 अगस्त के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में स्कूली छात्राएं बुर्का पहनकर डांस करती हुई नजर आ रही थीं. मामला संज्ञान में आते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए. यह भी पढ़े: ठाणे: एकनाथ शिंदे का बड़ा एक्शन, खराब सड़क की शिकायत पर MSRDC अफसर सस्पेंड, ट्रैफिक समस्या सुलझाने के लिए AI का होगा इस्तेमाल
स्कूल के खिलाफ एक्शन
जांच में बिना मान्यता के चलता मिला स्कूल
16 अगस्त को खंड शिक्षा अधिकारी की टीम ने स्कूल परिसर का गहन निरीक्षण किया. जांच के दौरान प्रबंधक और प्रशासन स्कूल की वैध मान्यता से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. अधिकारियों ने पाया कि संस्थान पूरी तरह से गैर-कानूनी तरीके से और बिना किसी मान्यता के चलाया जा रहा था. इस बड़ी अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने स्कूल की इमारत में ताला लगाकर उसे सील कर दिया.
स्कूल प्रबंधक ने जारी किया माफीनामा वीडियो
विवाद बढ़ता देख स्कूल के प्रबंधक रामकृष्ण मौर्या ने एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन था और किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तुति देने वाली सभी छात्राएं हिंदू समुदाय से थीं. अपनी भूल स्वीकार करते हुए प्रबंधक ने भविष्य में ऐसी घटना न दोहराने का आश्वासन दिया.
छात्रों को सरकारी स्कूलों में किया जाएगा समायोजित
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि बिना मान्यता के स्कूल चलाना कानून का उल्लंघन है. उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है. इसके साथ ही प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल में पढ़ रहे सभी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उनका दाखिला तुरंत नजदीकी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी विद्यालयों में कराया जाए.