Varanasi Ganga Corridor: काशी को बड़ी सौगात! गंगा तट पर बनेगा 14,447 करोड़ का अत्याधुनिक 6-लेन कॉरिडोर, पीएम मोदी ने दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने वाराणसी में गंगा नदी के किनारे ₹14,447.64 करोड़ की लागत से बनने वाले 46 किलोमीटर लंबे अत्याधुनिक 6-लेन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह मेगा प्रोजेक्ट काशी के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच आसान बनाने के साथ ही पूर्वांचल में आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ाएगा.
नई दिल्ली/वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को वाराणसी (काशी) (Varanasi) के लिए एक ऐतिहासिक बुनियादी ढांचा परियोजना को हरी झंडी दिखाई है. केंद्र सरकार ने गंगा नदी के तट के समानांतर एक भव्य और अत्याधुनिक 6-लेन कॉरिडोर (6-Lane Corridor) के निर्माण को मंजूरी दी है. प्रधानमंत्री मोदी ने इसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि इससे शहर के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों तक कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा. यह कॉरिडोर वाराणसी की सड़कों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) के आर्थिक विकास को नई गति देगा. यह भी पढ़ें: Viksit Bharat@2047: पीएम मोदी ने युवा आईएएस अधिकारियों को दिया 'नागरिक देवो भव' का मंत्र, कहा-'विकसित भारत@2047' के सारथी बनें
पीएम मोदी बोले- "काशी में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रतिबद्ध"
इस बड़े फैसले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी खुशी साझा की. उन्होंने कहा कि सरकार काशी में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का विकास करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह नया रिवरफ्रंट कॉरिडोर इसी दिशा में उठाया गया कदम है.
पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा:
"हम काशी में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसी कड़ी में आज हमने गंगा के तट पर एक अत्याधुनिक 6-लेन कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है. इससे शहर के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच और बेहतर होगी. साथ ही, सड़क नेटवर्क पर दबाव कम होने से आवागमन और आसान हो जाएगा. यह परियोजना पूर्वांचल में आर्थिक विकास को गति देगी."
14,447 करोड़ रुपये की आएगी लागत; केबल ब्रिज भी होगा शामिल
कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) द्वारा स्वीकृत यह परियोजना नेशनल हाईवे-19 (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड को आपस में जोड़ेगी. इस पूरे लिंक और कनेक्टर कॉरिडोर की कुल लंबाई 46.039 किलोमीटर होगी, जिसमें गंगा नदी के किनारे का हिस्सा भी शामिल है.
इस मेगा प्रोजेक्ट को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत लागू किया जाएगा, जिसकी कुल पूंजीगत लागत ₹14,447.64 करोड़ आंकी गई है. परियोजना की मुख्य विशेषताओं में एक 6-लेन का उन्नत (एलिवेटेड) मुख्य मार्ग, गंगा नदी पर बनने वाला एक प्रतिष्ठित केबल-स्टेयड ब्रिज (तारों पर टिका पुल), एक एक्स्ट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज-कम-मेजर ब्रिज, लूप्स, रैंप, विभिन्न संपर्क मार्ग (लिंक रोड) और सर्विस रोड शामिल हैं.
60 मिनट का सफर महज 20 मिनट में होगा पूरा; जाम से मुक्ति
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कॉरिडोर वाराणसी के शहरी यातायात की सूरत बदल देगा. NH-19 और रिंग रोड के बीच निर्बाध (सीधी) कनेक्टिविटी मिलने से शहर के आंतरिक रास्तों पर गाड़ियों का दबाव बेहद कम हो जाएगा.
इस कॉरिडोर को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति (ऑपरेटिंग स्पीड) के लिए डिजाइन किया गया है. इसके बन जाने से प्रोजेक्ट क्षेत्र को पार करने में लगने वाला औसत यात्रा समय करीब 60 मिनट से घटकर मात्र 20 मिनट रह जाएगा. इसी तरह, NH-19 से काशी रेलवे स्टेशन के बीच का सफर भी जो अभी लगभग 50 मिनट में पूरा होता है, घटकर सिर्फ 25 मिनट का रह जाएगा. इससे न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के समय और ईंधन की भारी बचत होगी.