Snake CPR Video: गुजरात के वापी में मानवता की मिसाल, अचेत मिले 5 फीट लंबे सांप को रेस्क्यूअर ने मुंह से CPR देकर बचाई जान, VIDEO वायरल

गुजरात के वापी में एक इंडस्ट्रियल टैंक के केमिकल युक्त पानी में गिरकर अचेत हुए 5 फीट लंबे सांप को एनिमल रेस्क्यूअर संजय पवार ने करीब 2 मिनट तक कृत्रिम सांस (CPR) देकर पुनर्जीवित किया.

Snake CPR Video: गुजरात के वलसाड जिले स्थित वापी GIDC के पहले चरण में स्थित इंडिया जिलेटिन कंपनी लिमिटेड (IGCL) के परिसर में एक अनोखा और साहसिक वन्यजीव बचाव कार्य देखने को मिला. कंपनी के एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) के टैंक में रसायन युक्त पानी में गिरने के कारण एक 5 फीट लंबा सांप अचेत (unresponsive) हो गया था.

स्थानीय पशु कल्याण स्वयंसेवक और सर्प मित्र संजय कुमार (संजय पवार) ने मौके पर पहुंचकर न केवल सांप को बाहर निकाला, बल्कि करीब दो मिनट तक कृत्रिम श्वसन (CPR) देकर उसकी जान बचा ली.  यह भी पढ़े:   Bareilly: ऑटो रिक्शा चालक को आया हार्ट अटैक, पुलिस ने CPR देकर बचाई जान, बरेली का वीडियो आया सामने;VIDEO

वापी में मानवता की मिसाल

देखें VIDEO:

केमिकल वाटर में अचेत हुआ सांप

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सांप औद्योगिक परिसर में भटकते हुए रासायनिक कचरे से भरे ETP टैंक में गिर गया था. केमिकल युक्त पानी के संपर्क में आने और उसे पी लेने के कारण सांप की हालत बिगड़ गई और वह पूरी तरह अचेत हो गया.

कंपनी अधिकारियों द्वारा सूचना दिए जाने पर संजय पवार तुरंत ETP प्लांट पहुंचे और अचेत सांप को सावधानीपूर्वक पानी से बाहर निकाला.

दो मिनट की मशक्कत से वापस आईं सांसें

सांप में कोई हलचल न देखकर संजय पवार ने बिना देरी किए उसे मुंह से हवा भरकर कृत्रिम सांसें (CPR) देना शुरू किया.

लगभग दो मिनट तक निरंतर प्रयास करने के बाद, सांप में धीरे-धीरे हलचल शुरू हुई और उसने होश संभाल लिया. स्थानीय रिपोर्टों में सांप की प्रजाति को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं—कुछ में इसे गैर-विषैला धामन (रैट स्नेक) बताया गया है, जबकि कुछ अन्य विवरणों में इसे विषैली प्रजाति का कहा गया है. इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.

ऑब्जर्वेशन के बाद जंगल में छोड़ा गया

होश में आने के बाद सांप को कुछ समय के लिए निगरानी (observation) में रखा गया और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद नजदीकी जंगली इलाके में सुरक्षित छोड़ दिया गया.

रसायन युक्त पानी और सांप को संभालने के दौरान संभावित संक्रमण या एलर्जी के खतरे को देखते हुए, रेस्क्यूअर संजय पवार को भी एहतियात के तौर पर 24 घंटे की मेडिकल निगरानी में रखा गया. उसी दिन पवार की टीम ने वापी के अन्य क्षेत्रों से दो कोबरा सांपों का भी सफल रेस्क्यू किया.

विशेषज्ञों की चेतावनी

वन्यजीव विशेषज्ञों और सर्प मित्रों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे बिना उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरणों के किसी भी अज्ञात या विषैले सरीसृप को पकड़ने या बचाने का प्रयास न करें. केमिकल जोखिम और जहर के खतरे को देखते हुए हमेशा पेशेवर वाइल्डलाइफ रेस्क्यूअर्स की मदद लेनी चाहिए.

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