Uttarakhand Rains: उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से तबाही, अल्मोड़ा में 5 की मौत; नैनीताल में भूस्खलन के बाद कुमाऊं में 141 सड़कें बंद
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में भारी बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. अल्मोड़ा जिले में मलबे में दबने से अलग-अलग हादसों में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें हवालबाग ब्लॉक के तीन लोग और धार की तुनी में दो नेपाली मजदूर शामिल हैं. वहीं नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र में 141 सड़कें बंद हो गई हैं
देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड (Uttarakhand) में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. कुमाऊं मंडल में जगह-जगह हुए भीषण भूस्खलन (Landslides) के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप हो गया है, जबकि नदियां और बरसाती नाले खतरे के निशान के करीब बह रहे हैं.
अल्मोड़ा जिले में मलबे की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. वहीं पूरे क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्गों, सीमावर्ती सड़कों और ग्रामीण रास्तों सहित कुल 141 सड़कें बंद हो गई हैं. यह भी पढ़ें: ग्यिरोंग बॉर्डर के पास अब अरबों लीटर पानी वाली झील से नया खतरा
अल्मोड़ा में मलबे में दबने से 5 की मौत, स्कूल बंद
अल्मोड़ा जिले में बारिश जनित हादसों ने भारी तबाही मचाई है:
- हवालबाग ब्लॉक में हादसा: हवालबाग क्षेत्र में एक मकान पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
- धार की तुनी में दो मजदूरों की जान गई: एक अन्य घटना में धार की तुनी नामक स्थान पर मलबे में दबने से दो नेपाली मजदूरों की जान चली गई.
- 2 सितंबर को स्कूलों में छुट्टी: मौतों और मौसम के बिगड़े रुख को देखते हुए अल्मोड़ा जिला प्रशासन ने एहतियातन 2 सितंबर को आंगनबाड़ी से लेकर 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए है.
नैनीताल के प्रमुख हाईवे बाधित, बोल्डर गिरने से फंसी गाड़ियां
नैनीताल को मैदानी इलाकों से जोड़ने वाले मार्गों पर भारी बारिश के चलते लगातार बोल्डर और मलबा गिर रहा है:
- दो गांव और ज्योलिकोट के बीच रुकावट: हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर दो गांव और ज्योलिकोट के बीच भारी भूस्खलन से सैकड़ों यात्री और वाहन फंस गए. अलग-अलग घटनाओं में दो कारें भी मलबे की चपेट में आईं, हालांकि इनमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
- युद्धस्तर पर मलबा हटाने का कार्य: नैनीताल के अपर जिलाधिकारी (ADM) विवेक राय के अनुसार, हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग, हल्द्वानी-भीमताल मार्ग और हल्द्वानी-कालाढूंगी मार्ग को खोलने के लिए लगातार जेसीबी मशीनें तैनात कर मलबा साफ किया जा रहा है.
नैनीताल में भूस्खलन
कुमाऊं भर में 141 सड़कें बंद, नदियां उफान पर
भारी बारिश का असर केवल नैनीताल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कुमाऊं मंडल में संपर्क मार्ग कट गए हैं:
- प्रभावित जिले: पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और अल्मोड़ा में बॉर्डर रोड, नेशनल हाईवे और दूरदराज के ग्रामीण लिंक रोड समेत 141 रास्ते बंद पड़े हैं.
- नदियों का जलस्तर बढ़ा: हल्द्वानी से होकर बहने वाली गौला नदी (Gaula River) का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. कई अन्य बरसाती नाले और गदेरे उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.
मौसम विभाग का अलर्ट और प्रशासन की अपील
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नैनीताल और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. आगामी दिनों में भी मध्यम से भारी वर्षा का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है.
प्रशासन ने संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है तथा पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के पास न जाने की सख्त सलाह दी है.