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Uttarakhand Avalanche: सेना ने रेस्क्यू किए 14 श्रमिक, सीएम धामी ने कहा- पीएम मोदी ने दिया हर संभव मदद देने का आश्वासन

उत्तराखंड में माणा के निकट हुए हिमस्खलन के कारण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के फंसे श्रमिकों के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है. भारतीय सेना ने 14 और श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया गया है. स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम को आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और अधिकारियों को बचाव कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए.

Uttarakhand Avalanche: सेना ने रेस्क्यू किए 14 श्रमिक, सीएम धामी ने कहा- पीएम मोदी ने दिया हर संभव मदद देने का आश्वासन

देहरादून, 1 मार्च : उत्तराखंड में माणा के निकट हुए हिमस्खलन के कारण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के फंसे श्रमिकों के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है. भारतीय सेना ने 14 और श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया गया है. स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम को आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और अधिकारियों को बचाव कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी भी दी. साथ ही पीएम मोदी द्वारा राज्य को हर संभव मदद दिए जाने के आश्वासन के बारे में भी बताया.

मुख्यमंत्री ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "प्रातःकाल मैंने माणा के निकट हुए हिमस्खलन में फंसे श्रमिकों के बचाव अभियान की विस्तृत जानकारी ली. जिन श्रमिकों को कल बाहर निकाला गया था, उनमें से गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को हायर सेंटर भेजने के लिए एयरलिफ्ट करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया है. मैं स्वयं भी चमोली के लिए रवाना हो रहा हूं. मौसम साफ होते ही राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जाएगी. प्रभु बदरी विशाल की कृपा और बचावकर्मियों के अथक परिश्रम से हम सभी फंसे श्रमिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : उत्तराखंड हिमस्खलन: मौसम साफ होने पर बचाव दल तलाश अभियान में जुटा, ली जा सकती है हेलीकॉप्टर की मदद

एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात कर जनपद चमोली के माणा में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली. साथ ही उन्होंने प्रदेश में हो रही बारिश और हिमपात की स्थिति पर भी विस्तृत जानकारी ली. इस दौरान प्रधानमंत्री जी ने केंद्र सरकार की ओर से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया."

माणा में चल रहे एवलांच रेस्क्यू ऑपरेशन में जोशीमठ बेस कैंप से हेली रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. अब तक दो निजी हेलीकॉप्टरों को बद्रीनाथ धाम की ओर भेजा गया है. सड़क मार्ग पर लामबगड़ से आगे भारी हिमपात की सूचना मिलने के बाद हेली रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया है. राज्य सरकार ने फंसे हुए मजदूरों के परिवारों के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की है, जो विभिन्न राज्यों से आए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, "हम बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि सभी लोग सुरक्षित बाहर आ जाएं."

बता दें कि आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में कई चुनौतियां आ रही हैं. पहले खबर आई थी कि 57 मजदूर फंसे हैं, लेकिन बाद में पता चला कि उनमें से दो मजदूर छुट्टी पर थे, इस प्रकार कुल 55 मजदूर हिमस्खलन की चपेट में आए थे. उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, ये मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों के रहने वाले हैं, हालांकि 10 मजदूरों के गृह राज्य की जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं हो पाई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 01, 2025 10:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).