देश

Uttar Pradesh: सैनिटाइज किए जाएंगे यूपी के सभी 1925 कोल्डस्टोरेज, मंडी पहुंच रहे किसानों का भी रखा जा रहा ख्याल

कोरोना संक्रमण से लोगों के बचाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ कई फैसले ले रहे हैं. एक तरफ जहां वह कोरोना संक्रमित लोगों के इलाज का प्रबन्ध करने में जुटे हैं.

Uttar Pradesh: सैनिटाइज किए जाएंगे यूपी के सभी 1925 कोल्डस्टोरेज, मंडी पहुंच रहे किसानों का भी रखा जा रहा ख्याल
सैनिटाइजर (Photo Credits: Twitter)

लखनऊ, 14 अप्रैल : कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से लोगों के बचाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) एक साथ कई फैसले ले रहे हैं. एक तरफ जहां वह कोरोना संक्रमित लोगों के इलाज का प्रबन्ध करने में जुटे हैं. वहीं दूसरी तरफ वह लोगों को कोरोना से बचाने के लिए गांव, शहर से लेकर मंडी स्थलों और कोल्ड स्टोरेज को सैनिटाइज (Sanitizer) करने पर जोर दे रहे हैं. इसी के तहत अब यूपी के सभी कोल्ड स्टोरेज को सैनिटाइज किया जाएगा. इसी के साथ गेहूं बेचने मंडी में पहुंच रहे किसानों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए हर दिन मंडी के चबूतरे को दो बार सैनिटाइज किया जाएगा. उद्यान विभाग और मंडी परिषद के उच्चाधिकारियों ने इस संबंध में जिले के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं. सरकार का प्रयास है कि आलू तथा गेहूं उत्पादक किसानों को हर हाल में कोरोना संक्रमण से बचाया जाए और इसके लिए हर जरूरी इतजाम किए जाएं. मुख्यमंत्री की इस मंशा के तहत उद्यान निदेशक आरके तोमर ने सूबे के सभी 1925 कोल्डस्टोरेज को सेनेटाइज करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं. आरके तोमर के अनुसार इस बार राज्य में 160 लाख टन से भी अधिक आलू का उत्पादन हुआ है.

जिसमें से करीब 120 लाख टन आलू कोल्डस्टोरेज में पहुंच चुका है. इसकी सुरक्षा के लिए कोल्डस्टोरेज को सैनिटाइज किया जाएगा. सूबे के सभी कोल्डस्टोरेज को सैनिटाइज कर संचालित करने की प्रक्रिया शुरू है. अधिकारियों के अनुसार कोल्डस्टोरेज को सैनिटाइज करने से आलू के भंडारण और निकासी में कोई समस्या नहीं आने पाएगी. इसी तरह से सूबे में मंडी परिषद की 251 मंडियों में से 220 मंडियों में गेहूं की खरीद हो रही है. इन मंडियों में गेहूं लेकर पहुंच रहे किसानों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए मंडी के चबूतरे को दिन में दो बार सैनिटाइज करने की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा हर मंडी में कोविड डेस्क बनाई गई है. मंडी में बिना मास्क के किसी को भी आने पर रोक है, जो किसान मास्क लगाकर नहीं आते हैं उन्हें इस डेस्क के जरिए मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है. मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन करते हुए गेहूं की खरीद हो रही है. सब्जी और फल लेकर आने वाले व्यापरियों से कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराया जा रहा है. यह भी पढ़ें : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, देश में कोरोना Vaccine की कोई कमी नहीं है

प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू की गई है. अभी 14 दिन ही बीते हैं कि एक लाख 80 हजार मैट्रिक टन गेहूं खरीद का रिकार्ड बन गया है. इस रिकार्ड को बनाने के साथ ही किसानों को भुगतान के मामले में योगी सरकार ने पिछली सरकारों को बहुत पीछे छोड़ दिया है. धान खरीद के मामले में भी योगी सरकार नए कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है. राज्य सरकार ने 2553804 धान किसानों को 23328.80 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है, जो कि प्रदेश में अब तक का रिकार्ड है. आंकड़ों के मुताबिक योगी सरकार ने चार साल के कार्यकाल में 3345065 किसानों से कुल 162.71 लाख मी. टन गेहूं की खरीद की. प्रदेश में सबसे ज्यादा 24256 क्रय केंद्रों के जरिये खरीदे गए गेहूं के लिए राज्य सरकार ने किसानों को कुल 29017.71 करोड़ रुपये का रिकार्ड भुगतान किया है. कुल मिलाकर सूबे की सरकार किसानों द्वारा मेहनत से उगाई गई फसल का समय से भुगतान करने के साथ ही किसानों की कोरोना से सुरक्षा का प्रबन्ध भी करने में जुटी है. जिसके चलते कोल्डस्टोरेज और मंडी स्थलों को सेनेटाइज किया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2021 05:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).