देश

Ustad Ghulam Mustafa Khan Award: 'उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान पुरस्कार' से सम्‍मानित होंगे तबला वादक जाकिर हुसैन

भारत के प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन को दूसरे प्रतिष्ठित 'पद्म विभूषण उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान पुरस्कार' के लिए नामित किया गया है. हुसैन को यह पुरस्कार 16-17 जनवरी को उस्ताद की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर ठाणे और मुंबई में दो दिवसीय संगीत समारोह में उनकी विधवा अमीना गुलाम मुस्तफा खान द्वारा प्रदान किया जाएगा.

Ustad Ghulam Mustafa Khan Award: 'उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान पुरस्कार' से सम्‍मानित होंगे तबला वादक जाकिर हुसैन
Ustad Zakir Hussain(img: Wikimedia commons)

मुंबई, 14 जनवरी : भारत के प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन को दूसरे प्रतिष्ठित 'पद्म विभूषण उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान पुरस्कार' के लिए नामित किया गया है. हुसैन को यह पुरस्कार 16-17 जनवरी को उस्ताद की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर ठाणे और मुंबई में दो दिवसीय संगीत समारोह में उनकी विधवा अमीना गुलाम मुस्तफा खान द्वारा प्रदान किया जाएगा. पहले दिन (16 जनवरी) ठाणे के के. घाणेकर नाट्यगृह में दिग्गज राकेश चौरसिया (बांसुरी), पूर्वायन चटर्जी (सितार) द्वारा हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति और पंडित वेंकटेश कुमार द्वारा गायन प्रस्तुत किया जाएगा.

दूसरे दिन (17 जनवरी) दिवंगत उस्ताद खान के शिष्य अनुभवी गायक सोनू निगम संगीत जगत के दिग्गजों की मौजूदगी में पुरस्कार समारोह के साथ शनमुखानंद हॉल में 'हाजरी' नामक संगीत समारोह का नेतृत्व करेंगे. हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के बेजोड़ पुरोधा उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान ने संगीत की दुनिया में अमिट छाप छोड़ी और पुरस्कार के माध्यम से उनकी संगीत विरासत का जश्न मनाया जाता है. पिछले वर्ष पहला पुरस्कार बांसुरी वादक पंडित हरि प्रसाद चौरसिया को प्रदान किया गया था. उस्ताद खान रामपुर सहसवान घराने और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की दुनिया को रोशन करने वाले थे, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार और प्रशंसा अर्जित की. यह भी पढ़ें : Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर उद्घाटन से पहले हो सकता है बड़ा ऐलान! अयोध्या में चंपत राय ने बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस

उत्तर प्रदेश के बदायूं में जन्मे उस्ताद खान को पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया और 17 जनवरी, 2021 को 90 वर्ष की आयु में मुंबई में उनका निधन हो गया. उन्होंने आशा भोसले, ए.आर. रहमान, हरिहरन, शान, शिल्पा राव, अपने बेटों और पोते-पोतियों और कई अन्य कलाकारों जैसी कई प्रसिद्ध बॉलीवुड हस्तियों के संगीत करियर को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि दिवंगत भारत रत्न लता मंगेशकर ने इस बात को स्वीकार किया था कि कैसे उन्होंने उस्ताद खान से मार्गदर्शन लिया.

पुरस्कार से रोमांचित हुसैन ने उस्ताद खान को "भारतीय शास्त्रीय संगीत के सबसे महान गुमनाम नायकों में से एक बताया, जिन्हें अपने लंबे गायन करियर के दौरान वह पहचान नहीं मिली जिसके वह वास्तव में हकदार थे." हुसैन ने कहा, “उनके निधन से भारतीय शास्त्रीय संगीत ख्याल गायकी की परंपरा में एक शून्य पैदा हो गया है. फिर भी मुझे ख़ुशी है कि उनकी विरासत उनके बेटों और पोते के माध्यम से जीवित है जो गायन सिखा रहे हैं और भारतीय शास्त्रीय संगीत की सेवा कर रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि रामपुर सहसवान घराने की परंपरा कायम रहेगी.'' उस्ताद खान के बेटे रब्बानी मुस्तफा खान, निगम और राकेश चौरसिया ने अपने पेशेवर गुरु और संगीत गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनसे उन्होंने बहुत कुछ सीखा और अपने चुने हुए क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 14, 2024 04:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).