UP Rain Update: यूपी में बारिश से हाहाकार, गोरखपुर, वाराणसी समेत कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त, मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा
उत्तर प्रदेश में मानसून और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. प्रदेश में बारिश और उससे संबंधित हादसों में मौतों का आंकड़ा, जो पहले 50 के करीब था, अब और बढ़ गया है.
UP Rain Update: उत्तर प्रदेश में मानसून और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. प्रदेश में बारिश और उससे संबंधित हादसों में मौतों का आंकड़ा, जो पहले 50 के करीब था, अब और बढ़ गया है. नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव के कारण कई शहर और गांव पानी में डूब चुके हैं. राज्य प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास तेजी से जारी हैं
यूपी में बारिश से मौजूदा हालात
प्रदेश के पूर्वी और मध्य भागों सहित करीब दो दर्जनों जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है. गंगा, यमुना, घाघरा और शारदा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों के निचले क्षेत्रों में सड़कों से लेकर रिहायशी इलाकों तक पानी भर गया है. इस वजह से यातायात प्रभावित हुआ है और कई गांव संपर्क मार्ग से कट गए हैं. यह भी पढ़े: UP Heavy Rain Alert: यूपी में भारी बारिश का कहर, बीते 48 घंटों में 15 लोगों की मौत, मौसम विभाग ने कई जिलों में जारी किया अलर्ट
बारिश और हादसों में जनहानि
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बारिश से संबंधित अलग-अलग हादसों में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. प्रमुख रूप से जर्जर मकान ढहने, आकाशीय बिजली की चपेट में आने और उफनती नदियों या नालों में डूबने से मौतों के मामले सामने आए हैं. प्रशासन प्रभावित परिवारों के डेटा का सत्यापन कर रहा है ताकि पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता दी जा सके.
योगी सरकार के राहत और बचाव कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने और प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं. पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
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आर्थिक सहायता: बारिश और हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल प्रदान करने के आदेश दिए गए हैं.
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राहत किट और भोजन वितरण: जलभराव से प्रभावित लोगों के लिए शेल्टर होम स्थापित किए गए हैं, जहां सूखा राशन, तैयार भोजन और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है.
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एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती: अत्यधिक प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है, जो बोट्स के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं.
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स्वास्थ्य सुरक्षा और मुआवजा: बाढ़ और बारिश के बाद बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए मेडिकल टीमों को दवाइयों के साथ फील्ड में उतारा गया है. साथ ही, फसल और पशुओं के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.