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CM Yogi's Decision: कांवड़ यात्रा और मानसून को लेकर सीएम योगी की अधिकारियों के साथ बैठक, लिए ये बड़े फैसले

सीएम योगी ने रविवार को मानसून को लेकर आवश्यक दिशानिर्देश दिए.उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम प्रारंभ हो चुका है. ऐसे में स्वास्थ्य की आपातकालीन सेवाएं अलर्ट मोड में रहें. कांवड़ यात्रियों को आपातकाल में तत्काल स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होनी चाहिए.

CM Yogi's Decision: कांवड़ यात्रा और मानसून को लेकर सीएम योगी की अधिकारियों के साथ बैठक, लिए ये बड़े फैसले
CM Yogi Adityanath (Photo: ANI)

CM Yogi's Decision: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मानसून को लेकर आवश्यक दिशानिर्देश दिए.उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम प्रारंभ हो चुका है. ऐसे में स्वास्थ्य की आपातकालीन सेवाएं अलर्ट मोड में रहें. कांवड़ यात्रियों को आपातकाल में तत्काल स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होनी चाहिए. अयोध्या के श्रावण मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध समय से कर लिए जाएं.

उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतर्विभागीय समन्वय के साथ विशेष अभियान संचालित होता है। इस वर्ष 1 जुलाई से इसका नवीन चरण प्रारंभ हो रहा है. अभियान को प्रभावी बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है. इस अभियान की सफलता के लिए सरकारी प्रयास के साथ-साथ जन सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। पूर्व के अनुभवों को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए. यह भी पढ़े: UP Water Tank Collapse: मथुरा में बारिश के बीच हादसा, पानी की टंकी गिरने से दो लोगों की मौत, कई जख्मी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी- VIDEO

बैठक में कहा गया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान की सफलता के लिए अंतर्विभागीय समन्वय महत्वपूर्ण आधार है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन, ग्राम्य विकास, नगर विकास, महिला बाल विकास, कृषि, बेसिक माध्यमिक शिक्षा द्वारा अंतर्विभागीय समन्वय के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के ठोस प्रयास किए जाएं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत हमें 'स्टॉप डायरिया' के संकल्प को लेकर भी कार्य करना है। हमारा लक्ष्य है पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में दस्त के कारण मृत्यु की आशंका को समाप्त करना। फ्रंटलाइन वर्कर्स अपने साथ ओआरएस तथा क्लोरीन की गोलियां लेकर जाएं। सभी को मिलकर इस अभियान को सफल बनाना होगा.

उन्होंने आगे कहा कि बारिश का मौसम प्रारंभ हो चुका है. यह समय बीमारियों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के पूरे तंत्र को 24×7 अलर्ट मोड में रहना होगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि आगामी तीन माह की अवधि में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किसी सीएमओ और अन्य चिकित्सक का स्थानांतरण न हो.

बैठक में निर्देश दिया गया कि बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत राहत एवं बचाव से जुड़ी सभी तैयारियां कर ली जाएं। बाढ़ चौकियों का निर्धारण, नौका की उपलब्धता, राहत सामग्री आदि का प्रबंधन कर लिया जाए। इन कार्यों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण तीन माह तक नहीं किया जाए। वर्षा के बाद नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन रही है. इसका स्थायी निराकरण कराया जाना आवश्यक है। प्रतिबंधित पॉलीथिन के प्रयोग पर रोक को कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए.

वहीं, जुलाई के प्रथम सप्ताह में होने वाले पौधरोपण महाभियान को सफल बनाने पर भी चर्चा की गई. सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर देशवासी को 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने की प्रेरणा दी है. उत्तर प्रदेश का हर नागरिक प्रधानमंत्री मोदी के भाव से जुड़कर इस वर्ष के 'वन महोत्सव' को अभूतपूर्व सफलता दिलाने में अपना योगदान करेगा. न केवल पेड़ लगाना है, बल्कि उसकी सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। प्रदेश के वार्षिक वन महोत्सव की तिथि शीघ्र ही घोषित की जाएगी। पौधरोपण के लिए सभी विभागों को लक्ष्य दिया जा चुका है.

बताया गया कि 1 जुलाई से प्रदेशव्यापी 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण प्रारंभ हो रहा है। यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है.हमें समझना होगा कि आज पहली बार विद्यालय आने वाला बच्चा ही कल देश का निर्माता बनेगा. स्कूलों को सजाया जाए. बच्चे जब विद्यालय आएं तो उनका तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर स्वागत करना चाहिए. विद्यालय के आसपास परिवेश स्वच्छ हो.

'स्कूल चलो अभियान' में सांसद, विधायक, जिला, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान सहित हर जनप्रतिनिधि की सहभागिता होनी चाहिए. मलिन बस्तियों में बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। कक्षा 1 और 2 में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को लागू किया गया है, इस संबंध में आवश्यक पाठ्य सामग्री यथाशीघ्र उपलब्ध करा दी जाए।

उन्होंने कहा कि विगत दिवस परिषदीय विद्यालय के 88 लाख से अधिक बच्चों को एक साथ पाठ्य सामग्री, यूनिफॉर्म, जूता, स्वेटर आदि उपलब्ध कराने के लिए प्रति छात्र 1,200 रुपये डीबीटी से उपलब्ध कराए गए हैं। यह सुनिश्चित कराएं कि स्कूल यूनिफॉर्म में विद्यार्थी 'पूरी बांह की शर्ट' ही पहन कर आएं। बीमारियों से बचाव में यह उपयोगी होगा/

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 30, 2024 11:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).