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उत्तर प्रदेश: मथुरा के मंदिर के बाद अब बरेली के दरगाह में अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर का विरोध

मथुरा में स्थित एक मंदिर में अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर्स पर आपत्ति जताए जाने के बाद, अब बरेली में दरगाह आला हजरत में इसका विरोध किया जा रहा है. यहां अपने अनुयायियों व मस्जिद के प्रमुखों को अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है. दरगाह आला हजरत में सुन्नी मरकज दारुल इफ्ता के मुफ्ती नश्तर फारूकी ने बुधवार को कहा, इस्लाम में शराब पर पाबंदी है. मुसलमानों को अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर का उपयोग नहीं करना चाहिए. यदि परिसर में सफाई के लिए अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर का उपयोग किया जाता है, तो इससे मस्जिद नापाक हो जाएगी. हम अल्लाह के घर को नापाक नहीं बना सकते. नमाज किसी नापाक जगह पर अदा नहीं की जा सकती.

उत्तर प्रदेश: मथुरा के मंदिर के बाद अब बरेली के दरगाह में अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर का विरोध
सेनिटाइजर्स ( फाइल फोटो )

मथुरा में स्थित एक मंदिर में अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर्स पर आपत्ति जताए जाने के बाद, अब बरेली में दरगाह आला हजरत में इसका विरोध किया जा रहा है. यहां अपने अनुयायियों व मस्जिद के प्रमुखों को अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है. दरगाह आला हजरत में सुन्नी मरकज दारुल इफ्ता के मुफ्ती नश्तर फारूकी ने बुधवार को कहा, इस्लाम में शराब पर पाबंदी है. मुसलमानों को अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर का उपयोग नहीं करना चाहिए. यदि परिसर में सफाई के लिए अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर का उपयोग किया जाता है, तो इससे मस्जिद नापाक हो जाएगी. हम अल्लाह के घर को नापाक नहीं बना सकते. नमाज किसी नापाक जगह पर अदा नहीं की जा सकती.

यदि मस्जिद को जानबूझकर नापाक किया जाता है, तो यह गुनाह होगा. मैंने मस्जिदों और मस्जिदों की समितियों के इमामों से अपील की है कि वे अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर का उपयोग करने से परहेज करें. मुफ्ती ने अल्कोहॉल-आधारित सेनिटाइजर का एक विकल्प भी दिया है. उन्होंने कहा, अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर का उपयोग करने के बजाय मुसलमानों को अपने हाथों और मस्जिद परिसर की सफाई साबुन, डिटर्जेंट पाउडर और शैम्पू से करनी चाहिए. हालांकि धार्मिक स्थलों में अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर के उपयोग पर विरोध जताने का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले मथुरा के कुछ प्रमुख मंदिरों के पुजारी इसके इस्तेमाल पर विरोध जता चुके हैं.

गौरतलब हो कि मथुरा और वृंदावन में इस्कॉन, बांके बिहारी, मुकुट मुखारविंद और श्री रंग नाथ जी सहित कुछ प्रमुख मंदिरों ने सोमवार से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार को नहीं खोलने का फैसला लिया और उनके इस निर्णय के पीछे का एक कारण यही अल्कोहॉल-बेस्ड सेनिटाइजर है, जिसका परिसर में इस्तेमाल सरकार ने अनिवार्य कर दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2020 04:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).