वाराणसी में लगे अनोखे राजनीतिक पोस्टर: '3 बार चाय वाला, 27 में गाय वाला', योगी आदित्यनाथ को फिर सीएम बनाने की उठी मांग

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. शहर के प्रमुख चौराहों पर '3 बार चाय वाला, 27 में गाय वाला' के नारे वाले पोस्टर लगाए गए हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दोबारा मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करने के रूप में देखा जा रहा है.

वाराणसी: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) में अभी समय बाकी है, लेकिन देश के सबसे बड़े राजनीतिक राज्य में चुनावी संदेशों और पोस्टरों का दौर शुरू हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) में कुछ ऐसे पोस्टर सामने आए हैं, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं. शहर के सर्किट हाउस और सुस्वाही सहित कई प्रमुख स्थानों पर लगाए गए इन पोस्टरों पर नारा लिखा है— "3 बार चाय वाला, 27 में गाय वाला" (3 Times the Tea Seller, the Cow Protector in 27). इस नारे को सीधे तौर पर केंद्र में पीएम मोदी और राज्य में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से जोड़कर देखा जा रहा है. यह भी पढ़ें: Maharashtra SIR: महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण शुरू, 29 जुलाई तक घर-घर आएंगे BLO; प्रशासन ने सहयोग की अपील की

बीजेपी कार्यकर्ता ने जारी किए पोस्टर

इन पोस्टरों को किसी शीर्ष नेतृत्व ने नहीं, बल्कि भाजपा के एक स्थानीय कार्यकर्ता दीपक सिंह राजवीर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी दौरे के अवसर पर लगवाया है. पोस्टर लगाने वाले कार्यकर्ता का कहना है कि यह केवल मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए नहीं है, बल्कि यह आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर उत्तर प्रदेश के आम भाजपा कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं और इच्छाओं को प्रदर्शित करता है.

पोस्टर जारी करने वाले दीपक सिंह ने मीडिया से कहा, "काशी में गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर और गाय, गंगा, गायत्री के रक्षक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन पूरे राज्य के लिए प्रेरणा है. उन्होंने अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का जो सपना दिखाया था, वह आज जमीनी स्तर पर सच हो रहा है। केंद्र में तीन बार 'चाय वाले' (पीएम मोदी) आ चुके हैं और अब 2027 में 'गाय वाले' (सीएम योगी) पूरी ताकत के साथ दहाड़ेंगे."

'27 में 3 बार चाय बेचने वाला, गाय का रक्षक'

2027 के चेहरे को लेकर राजनीतिक मायने

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नारे के जरिए बहुत ही साफ संदेश देने की कोशिश की गई है. 'चाय वाला' शब्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इस्तेमाल किया गया है, जो अक्सर अपने बचपन में चाय बेचने की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हैं. वहीं 'गाय वाला' शब्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए है, जिन्हें उनके समर्थक और संगठन गो-सेवा और गो-संरक्षण के प्रति उनके समर्पण के लिए जानते हैं.

भले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आधिकारिक तौर पर अभी 2027 के चुनाव के लिए मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा नहीं की है, लेकिन वाराणसी में लगे ये पोस्टर साफ संकेत देते हैं कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता योगी आदित्यनाथ को ही लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं.

कानून व्यवस्था को बनाया मुख्य मुद्दा

पोस्टर लगाने वाले कार्यकर्ताओं का दावा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कानून व्यवस्था और विकास का एक नया मॉडल पेश किया है. उनके अनुसार, राज्य का पुराना दौर दंगों और डर के साये में बीता था, जिससे मुक्ति पाकर अब राज्य प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है. इसी विकास यात्रा को जारी रखने के संकल्प के साथ कार्यकर्ताओं ने 2027 में फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा किया है. चुनाव में एक साल से अधिक का समय होने के बावजूद, पीएम मोदी के निर्वाचन क्षेत्र में इस तरह की बयानबाजी और पोस्टर वॉर ने राज्य की राजनीतिक हलचल को काफी बढ़ा दिया है.

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