संसद में अमित शाह ने ओवैसी की बोलती की बंद, NIA संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान दी ये सलाह
लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक 2019 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) एक खास सलाह देते हुए खरी-खरी सुना डाली.
नई दिल्ली: लोकसभा (Lok Sabha) में सोमवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक 2019 (NIA Amendment Bill) पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) एक खास सलाह देते हुए खरी-खरी सुना डाली.
मोदी सारकार ने सोमवार को लोकसभा में एनआईए संशोधन विधेयक पेश किया. इसी विधेयक पर बहस के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एआईएमआईएम चीफ ओवैसी को दूसरे सांसदों की भी बात पूरी सुनने की नसीहत दी. दरअसल लोकसभा में बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह के भाषण के दौरान हंगामा हो गया. सिंह एनआईए संशोधन विधेयक पर बोल रहे थे, लेकिन इस बीच असदुद्दीन ओवैसी भी बीच में टोक रहे थे. इस पर अमित शाह नाराज होकर अपनी सीट से उठकर बोले “सुनने की भी आदत डालिए ओवैसी साहब, इस तरह से नहीं चलेगा, सुनना पड़ेगा.”
#WATCH: Union Home Minister Amit Shah says in Lok Sabha,"sunne ki bhi aadat daliye Owaisi Sahab, iss tarah se nahi chalega." Shah said this after AIMIM MP Asaduddin Owaisi objected to a part of BJP MP Satya Pal Singh's speech during discussion on NIA Amendment Bill. pic.twitter.com/QsbwsqYcKp
— ANI (@ANI) July 15, 2019
इस विधेयक को लेकर लोकसभा में सरकार ने कहा कि आज जब देश दुनिया को आतंकवाद के खतरे से निपटना है, ऐसे में एनआईए संशोधन विधेयक का उद्देश्य एनआईए को राष्ट्रहित में मजबूत बनाना है. निचले सदन में गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने विधेयक को चर्चा एवं पारित होने के लिये रखा. इसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भारत से बाहर किसी अनुसूचित अपराध के संबंध में मामले का पंजीकरण करने और जांच का निर्देश देने का प्रावधान किया गया है.
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इस दौरान रेड्डी ने कहा कि इस संशोधन विधेयक का मकसद एनआईए अधिनियम को मजबूत बनाना है. आज आतंकवाद बहुत बड़ी समस्या है, देश में ऐसे उदाहरण हैं जब मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री आतंकवाद के शिकार हुए हैं. आतंकवाद आज अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय समस्या है. ऐसे में हम एनआईए को सशक्त बनाना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा कि इस प्रस्तावित विधेयक से एनआईए की जांच का दायरा बढ़ाया जा सकेगा और वह विदेशों में भी भारतीय एवं भारतीय परिसम्पत्तियों से जुड़े मामलों की जांच कर सकेगी. उन्होंने कहा कि इस विधेयक में एनआईए को मानव तस्करी और साइबर अपराध से जुड़े विषयों की जांच का भी अधिकार दिया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2019 03:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

