Maharashtra Highway Crackdown: नेशनल हाईवे किनारे अवैध ढाबों पर चलेगा बुलडोजर; सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर महाराष्ट्र सरकार ने दिया 60 दिन का अल्टीमेटम
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के 'राइट ऑफ वे' (RoW) में बने सभी अवैध ढाबों और व्यावसायिक निर्माणों को 60 दिनों के भीतर हटाने या ध्वस्त करने के सख्त आदेश जारी किए हैं.
मुंबई: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सीधे आदेश पर कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी स्थानीय निकायों और जिला प्रशासनों को राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) की सीमा यानी 'राइट ऑफ वे' (RoW) में स्थित सभी अनधिकृत ढाबों, होटलों और व्यावसायिक निर्माणों को 60 दिनों के भीतर ध्वस्त करने का निर्देश दिया है.
राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से यह व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जा रहा है. यह भी पढ़ें: Maharashtra Milk Price Hike: महंगाई की मार! महाराष्ट्र में आज से गाय-भैंस का दूध 2 रूपया हुआ महंगा, जानें नए रेट
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश और राज्य में प्रवर्तन
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक स्वतः संज्ञान याचिका (फलोदी हादसा बनाम एनएचएआई) पर 13 अप्रैल 2026 को जारी निर्देशों के अनुपालन में महाराष्ट्र के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.
सरकारी निर्देश के अनुसार:
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नेशनल हाईवे के राइट ऑफ वे (ROW) के भीतर किसी भी नए ढाबे, भोजनालय या व्यावसायिक ढांचे के निर्माण व संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.
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जिलाधिकारियों को 60 दिनों के भीतर ऐसे सभी मौजूदा या नए अनधिकृत ढांचों को हटाने/ध्वस्त करने का अधिकार दिया गया है.
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इसके अलावा, नेशनल हाईवे के मध्य बिंदु से आवासीय क्षेत्रों के लिए 40 मीटर और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए 75 मीटर के दायरे में भूमि उपयोग परिवर्तन (Land-Use Change) पर भी कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं.
लाइसेंस समीक्षा और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पर रोक
भविष्य में होने वाले अतिक्रमण को रोकने के लिए स्थानीय निकायों को एनएचएआई (NHAI) या सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की पूर्व अनुमति के बिना राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्रों के भीतर किसी भी व्यावसायिक स्थल के लिए नया लाइसेंस, एनओसी (NOC) या व्यापार अनुमोदन जारी करने या नवीनीकृत करने से रोक दिया गया है.
साथ ही, अधिकारियों को पिछले वर्षों में दिए गए ऐसे सभी मौजूदा लाइसेंसों की 30 दिनों के भीतर समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है.
फलोदी हादसे के बाद सख्त हुआ कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट का यह सख्त रुख नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी जिले में भारतमाला हाईवे पर हुए एक भीषण हादसे के बाद सामने आया है, जिसमें कम से कम 15 लोगों की जान चली गई थी.
जांच में पाया गया था कि सड़क किनारे अवैध ढाबों के कारण भारी वाहन और ट्रक हाईवे की पटरियों पर ही अव्यवस्थित तरीके से पार्क कर दिए जाते हैं, जिससे पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहनों के टकराने से जानलेवा दुर्घटनाएं होती हैं.
जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन
अभियान के नियमित निरीक्षण और निगरानी के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों वाले प्रत्येक जिले में एक समर्पित 'डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स' का गठन किया जाएगा.
जिलाधिकारी (District Collector) की अध्यक्षता वाली इस टास्क फोर्स में पुलिस विभाग, पीडब्ल्यूडी, स्थानीय निकाय और एनएचएआई के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह टीम राजमार्गों पर निरंतर गश्त करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए जवाबदेह होगी.