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UAE Military Exercise: यूएई में भारतीय वायुसेना 'डेजर्ट फ्लैग-10' में होगी शामिल, दिखाएगी अपनी ताकत

भारतीय वायुसेना की एक टुकड़ी रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अल धफरा एयर बेस पहुंची। वायुसेना का दल यहां एक बहुराष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘डेजर्ट फ्लैग-10’ में हिस्सा लेगा

UAE Military Exercise: यूएई में भारतीय वायुसेना 'डेजर्ट फ्लैग-10' में होगी शामिल, दिखाएगी अपनी ताकत

UAE Military Exercise: भारतीय वायुसेना की एक टुकड़ी रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अल धफरा एयर बेस पहुंची। वायुसेना का दल यहां एक बहुराष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘डेजर्ट फ्लैग-10’ में हिस्सा लेगा, इसमें भारत और यूएई के अलावा फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, कतर, दक्षिण कोरिया और तुर्की जैसे देश शामिल हैं.

यूएई में IAF दिखाएगी अपनी ताकत

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के मिग-29 और जगुआर विमान अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। यह अभ्यास 21 अप्रैल से 8 मई तक आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य दुनिया की कुछ सबसे सक्षम वायु सेनाओं के साथ परिचालन ज्ञान को साझा करना है. इसके अलावा वायुसेना से जुड़ी सर्वोत्तम अभ्यासों के आदान-प्रदान के साथ जटिल और विविध लड़ाकू अभियानों को अंजाम दिया जाएगा. यह भी पढ़े: भारत में पहली बार आमने-सामने आए रूसी Su-57 और अमेरिकी F-35 फाइटर जेट, Aero India 2025 में दिखाएंगे ताकत

मंत्रालय का कहना है कि इस तरह के अभ्यासों में भाग लेने से आपसी समझ और अंतर-संचालन क्षमता बढ़ती है. साथ ही, सैन्य सहयोग मजबूत होता है। भारतीय वायुसेना की भागीदारी मित्र देशों के साथ रक्षा संबंधों और अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है.

गौरतलब है कि जहां एक ओर भारत विदेशी धरती पर अभ्यास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत में उज्बेकिस्तान के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक’ हो रहा है. यह अभ्यास एक निर्धारित क्षेत्र पर कब्जा करने वाली आतंकवादी कार्रवाई का जवाब देने पर केंद्रित है. इसमें छापेमारी, खोज और आतंकवाद ठिकाने नष्ट करने वाले अभियानों का अभ्यास किया जा रहा है.

पुणे में चल रहा यह अभ्यास 28 अप्रैल तक जारी रहेगा

पुणे में चल रहा यह अभ्यास 28 अप्रैल तक जारी रहेगा. इस दौरान वायुसेना के विशेष बल एक हेलीपैड तैयार करेंगे, जो आगे की कार्रवाई के लिए माउंटिंग बेस के रूप में उपयोग किया जाएगा. यहां निरंतर संयुक्त अभियानों के लिए बटालियन स्तर पर एक संयुक्त संचालन केंद्र की स्थापना भी की जा रही है। इस अभ्यास में आधुनिकतम हथियारों व उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 20, 2025 07:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).