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Tripura Cabinet Expansion: त्रिपुरा के CM माणिक साहा ने कैबिनेट मंत्रियों के विभागों का किया बंटवारा, जानें किसे क्या मिला

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को अपने कैबिनेट सहयोगियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है. सीएम ने गृह, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, सूचना एवं सांस्कृतिक मामले, शिक्षा और वन सहित 30 से अधिक विभाग अपने पास रखे हैं

Tripura Cabinet Expansion: त्रिपुरा के CM माणिक साहा ने कैबिनेट मंत्रियों के विभागों का किया बंटवारा, जानें किसे क्या मिला
माणिक साहा (Photo Credits PTI)

अगरतला, 10 मार्च: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को अपने कैबिनेट सहयोगियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है. सीएम ने गृह, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, सूचना एवं सांस्कृतिक मामले, शिक्षा और वन सहित 30 से अधिक विभाग अपने पास रखे हैं. मुख्य सचिव जेके सिन्हा द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, बिजली और कृषि विभागों को रतन लाल नाथ को सौंपा गया है, जिन्होंने पिछली सरकार में शिक्षा और कानून विभागों को संभाला था.

प्राणजीत सिंघा रॉय को योजना और समन्वय और सूचना प्रौद्योगिकी के साथ वित्त विभाग दिया गया है. सुशांत चौधरी को खाद्य, नागरिक आपूर्ति, परिवहन और पर्यटन विभाग आवंटित किये गये हैं. जबकि संताना चकमा को उद्योग और वाणिज्य विभाग का प्रभार दिया गया है. यह भी पढ़े: Tripura Election Result 2023: लेफ्ट-कांग्रेस मिलकर भी फेल, त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के 5 बड़े कारण

टिंकू रॉय को युवा मामले, खेल और श्रम विभाग दिया गया है. जबकि सुधांशु दास को अनुसूचित जाति कल्याण, पशु संसाधन विकास विभाग आवंटित किया गया है. गठबंधन सरकार में बीजेपी की सहयोगी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के इकलौते मंत्री शुक्ला चरण नोआतिया को सहकारिता और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग आवंटित किया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, तीन मंत्री पद खाली रहे हैं क्योंकि भाजपा आदिवासी आधारित टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) से भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में भाग लेने के लिए संपर्क कर रही है. भाजपा के नेतृत्व वाली पहली सरकार के चार मंत्रियों राम प्रसाद पॉल, भगवान दास, मनोज कांति देब और रामपदा जमातिया को भगवा पार्टी के नेतृत्व वाली दूसरी सरकार में जगह नहीं मिली.

भाजपा ने 16 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में अकेले 32 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि उसकी सहयोगी आईपीएफटी ने 60 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट हासिल की थी.

13 सीटों को सुरक्षित करते हुए, टीएमपी मुख्य विपक्षी सीपीआई-एम के रूप में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिसने 35 वर्षों तक दो चरणों (1978-1988 और 1993-2018) में राज्य पर शासन किया और 11 सीटों पर जीत हासिल की और कांग्रेस तीन सीटों पर कामयाब रही.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 10, 2023 11:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).