Farmers Protest: पुलिस की किसान नेताओं से अपील के बाद चिल्ला बॉर्डर पर यातायात बहाल
सरकार और किसान नेताओं के बीच पहले दौर की बातचीत में मंगलवार को कोई निर्णय नहीं निकल सका. इसके बाद बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन सातवें दिन में प्रवेश कर गया.
नई दिल्ली, 2 दिसंबर: सरकार और किसान नेताओं के बीच पहले दौर की बातचीत में मंगलवार को कोई निर्णय नहीं निकल सका. इसके बाद बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन सातवें दिन में प्रवेश कर गया. राष्ट्रीय राजधानी को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा (Noida) से अलग करने वाली चिल्ला सीमा उन सीमाओं की सूची में नई सीमा है, जो किसानों द्वारा केंद्रीय कानूनों के विरोध में अवरुद्ध की गई है.
सिंघु (Singhu) और टिकरी (Tikri) बॉर्डर पर विरोध कर रहे पंजाब और हरियाणा (Haryana) के किसानों के विपरीत चिल्ला में किसान ट्रकों और ट्रॉली के बजाय कारों और बड़ी एसयूवी में आए.
नोएडा पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने किसानों से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि वे सड़क की एक साइड को खाली कर दें, ताकि यातायात सुचारू हो सके और उनके सड़क पर डटे रहने से यातायात बाधित न हो सके.
अन्य साथी किसान नेताओं के साथ एक चर्चा के बाद भारतीय किसान यूनियन के नेता भानु प्रताप सोंग ने पुलिस के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई. इसके बाद क्षेत्र में अब यातायात का आवागमन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 02, 2020 06:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

