कांग्रेस के खिलाफ हमले के मूड में टीएमसी, 'इंडिया' ब्लॉक में असमंजस की स्थिति

तृणमूल कांग्रेस ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा की भारी जीत पर कांग्रेस के खिलाफ हमला शुरू कर दिया है, जिससे पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल की संभावित रणनीति पर विपक्ष के 'इंडिया' ब्लॉक में असमंजस की स्थिति बन गई है.

(Photo Credits ANI)

कोलकाता, 9 दिसंबर : तृणमूल कांग्रेस ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा की भारी जीत पर कांग्रेस के खिलाफ हमला शुरू कर दिया है, जिससे पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल की संभावित रणनीति पर विपक्ष के 'इंडिया' ब्लॉक में असमंजस की स्थिति बन गई है. राज्य के राजनीतिक हलकों में ऐसी अटकलें हैं कि सत्तारूढ़ पार्टी की "अटैक कांग्रेस" रणनीति का उद्देश्य सबसे पुरानी पार्टी को तृणमूल कांग्रेस द्वारा निर्धारित सीट साझा समझौते पर सहमत होने के लिए मजबूर करना है.

"अटैक कांग्रेस" रणनीति संयुक्त मंच में सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी के रूप में 'इंडिया' ब्लॉक के भीतर कांग्रेस की आधिकारिक सौदेबाजी को बेअसर करने की अंतर्निहित इच्छा से भी प्रेरित है. हालांकि, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि विपक्षी क्षेत्र में कांग्रेस को किनारे करने की तृणमूल कांग्रेस की कोशिशों की सफलता अंततः इस बात पर निर्भर करेगी कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रणनीति को 'इंडिया' ब्लॉक में अन्य क्षेत्रीय दलों से कितना समर्थन मिलेगा.

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के ताजा नतीजे पूरे विपक्षी गुट और ख़ासकर कांग्रेस के लिए बड़े सबक हैं. सभी चार राज्यों में मतदाताओं ने क्षेत्रीय पार्टी के बजाय राष्ट्रीय पार्टी को चुनने का फैसला किया, एक कारक जो राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा के पक्ष में और तेलंगाना में कांग्रेस के पक्ष में गया है.

शहर के एक राजनीतिक पर्यवेक्षक ने कहा, ''अगर अन्य क्षेत्रीय दल इन संकेतों को समझ सकते हैं, तो मुझे आश्चर्य है कि विपक्षी गुट में कांग्रेस के अधिकार को चुनौती देने में वे किस हद तक तृणमूल कांग्रेस की लाइन पर चलेंगे. मेरी राय में, तृणमूल कांग्रेस की 'अटैक कांग्रेस' रणनीति विपक्षी गुट के भीतर भ्रम को बढ़ाने के अलावा कुछ भी महत्वपूर्ण हासिल नहीं करेगी.'' वहीं, विधानसभा चुनाव के नतीजों को समझाते हुए ममता बनर्जी ने जो तर्क सामने रखा है, वह पर्यवेक्षकों को हैरान कर रहा है.

एक राजनीतिक पर्यवेक्षक ने कहा, ''उन्होंने इन तीनों राज्यों में बीजेपी की प्रचंड जीत को जनता की नहीं बल्कि कांग्रेस की हार बताया है। हालांकि, इस साल की शुरुआत में कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जोरदार जीत के बाद उन्होंने देश की सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी को श्रेय देने से इनकार कर दिया और नतीजों को लोगों की जीत बताया. इसलिए, किसी के लिए भी यह समझना काफी मुश्किल है कि दोनों में से किस स्पष्टीकरण को कांग्रेस और 'इंडिया' ब्लॉक पर तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक रुख के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। यह विपक्षी मंच के अन्य घटकों के लिए भ्रम का एक और मुद्दा है.''

यहीं पर पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की राज्य इकाई के भीतर एक वर्ग, जो पूरी तरह से तृणमूल कांग्रेस विरोधी राजनीतिज्ञ हैं, को यह दावा करने का मौका मिल रहा है कि मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी का असली मकसद यही है. कांग्रेस की सत्ता को चुनौती दें और इस तरह भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए 'इंडिया' गुट को कमजोर करें. कलकत्ता उच्च न्यायालय के वकील कौस्तव बागची जैसे राज्य कांग्रेस के नेताओं ने पहले ही दावा करना शुरू कर दिया है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार "भ्रष्ट ताकतों" से हाथ मिलाने के उनके पहले प्रयासों के कारण हुई थी.

बागची ने पिछले रविवार को इन तीन राज्यों में रुझान स्पष्ट होने के कुछ ही घंटों बाद कहा, ''अक्सर कहा जाता है कि अच्छी संगति में रहने पर जहां स्वर्ग की प्राप्ति होती है, वहीं बुरी संगति में रहने पर व्यक्ति बर्बाद हो जाता है. नतीजे चोरों और डकैतों के साथ मंच साझा करने के खिलाफ जनता की भावनाओं का प्रतिबिंब हैं. कांग्रेस मुक्त भारत दूर नहीं, अगर पार्टी परजीवी की तरह दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश नहीं करती है. अगर ऐसा दिन आया तो इसकी जिम्मेदारी बीजेपी से ज्यादा हमारी होगी.''

शहर स्थित एक राजनीतिक पर्यवेक्षक ने कहा, ''कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बुलाई गई रात्रिभोज बैठक में तृणमूल कांग्रेस का कोई प्रतिनिधित्व नहीं था. इससे साफ संकेत मिल गया कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी अभी कुछ और समय तक हमलावर मोड में रहेगी. अब देखना यह है कि बगावत कब तक जारी रहती है, क्योंकि इस मामले में बहुत कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों के मूड पर निर्भर करेगा.''

Share Now

संबंधित खबरें

India vs West Indies, 4th T20I Match Scorecard: हैदराबाद में वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया के सामने रखा 248 रनों का विशाल लक्ष्य, शाई होप ने खेली तूफानी शतकीय पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

India vs West Indies, 4th T20I Match Live Score Update: हैदराबाद में टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच खेला जा रहा है सीरीज का चौथा मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? हैदराबाद में भारत बनाम वेस्टइंडीज के बीच चौथे टी20 मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

India vs West Indies, 4th T20I Match Live Toss And Scorecard: हैदराबाद में टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड