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Tirupati Laddu controversy: सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल हुआ प्रसादम का घी, कंपनी को स्वास्थ्य मंत्रालय ने भेजा नोटिस

आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के प्रसाद (लड्डू) में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल होने की बात सामने आने के बाद पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. इस मामले में अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने घी आपूर्ति करने वाली एक कंपनी को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है.

Tirupati Laddu controversy: सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल हुआ प्रसादम का घी, कंपनी को स्वास्थ्य मंत्रालय ने भेजा नोटिस
Tirupati Mandir | PTI

Tirupati Laddu controversy: आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के प्रसाद (लड्डू) में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल होने की बात सामने आने के बाद पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. इस मामले में अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने घी आपूर्ति करने वाली एक कंपनी को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है. यह मामला तब उठा जब चार कंपनियों से प्राप्त घी के सैंपल्स में से एक कंपनी का सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल हो गया और उसमें मिलावट पाई गई. मंदिर में प्रसाद के रूप में मिलने वाले तिरुपति लड्डू में घी की शुद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं.

तिरुपति देवस्थानम में घी आपूर्ति की शर्तें YSRCP सरकार के दौरान बदली गईं, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने फिर लगाया गंभीर आरोप.

इस मामले को लेकर हर कोई सवाल उठा रहा है. आरोप लगाया जा रहा है कि प्रसाद में मिलावट कर हिंदुओं की आस्था से छेड़छाड़ की गई है. आरोप है कि प्रसादम के घी में पशु चर्भी, मछली का तेल जैसी चीजें मिली हैं.

मंदिर में शुद्धिकरण अनुष्ठान

तिरुपति लड्डू विवाद पर छिड़े बवाल के बीच तिरुमला मंदिर में सोमवार (23 सितंबर) को शुद्धिकरण अनुष्ठान किया गया. इस पूजा में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी से मंत्रोच्चार के बीच माफी मांगी गई. यह अनुष्ठान "शांति होमम पंचगव्य प्रोक्षण" के रूप में जाना जाता है और इसे मंदिर में हुई कथित अपवित्र घटनाओं के बाद किया गया. यह चार घंटे का अनुष्ठान सुबह 6 बजे से 10 बजे तक चला, जिसका उद्देश्य भगवान वेंकटेश्वर को शुद्ध करना और मंदिर की पवित्रता को बहाल करना था.

गौरतलब है कि हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी यह आरोप लगाया था कि पिछले YSRCP शासनकाल के दौरान तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल किए गए घी में पशु वसा मिलाई गई थी.

TTD के कार्यकारी अधिकारी जे. श्यामला राव ने बताया कि प्रयोगशाला की जांच में लड्डू में इस्तेमाल किए गए घी में एनिमल फाइट और फिश ऑयल पाया गया है. गुजरात स्थित लैब की रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि घी में 'बीफ टैलो', 'लार्ड' और मछली का तेल मौजूद था. इसके बाद TTD ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसने मिलावटी घी की आपूर्ति की थी.

यह विवाद भक्तों की आस्था पर गहरा असर डाल सकता है, क्योंकि तिरुपति बालाजी के लड्डू को न केवल प्रसाद के रूप में बल्कि एक पवित्र और विशेष आस्था से जुड़ा हुआ माना जाता है. लड्डू में मिलावट की खबर सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन ने तुरंत शुद्धिकरण और जांच के कदम उठाए हैं ताकि भक्तों का विश्वास बना रहे.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 23, 2024 06:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).