देश

राजस्थान के सरकारी स्कूलों के नाम और पते से हटाया जाएगा 'हरिजन' शब्द, शिक्षा विभाग ने शुरू की कवायद

राजस्थान के सरकारी स्कूलों के नाम और पते से हरिजन शब्द हटाया जाएगा. राज्य के शिक्षा विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है और उन स्कूलों की सूची मांगी है जिनके नाम में हरिजन शब्द आता है. राज्य के माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों और समग्र शिक्षा अभियान के पदेन जिला परियोजना समन्वयकों को इस बारे में एक पत्र भेजा गया है.

राजस्थान के सरकारी स्कूलों के नाम और पते से हटाया जाएगा 'हरिजन' शब्द, शिक्षा विभाग ने शुरू की कवायद
स्कूल/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: PTI)

राजस्थान (Rajasthan) के सरकारी स्कूलों के नाम और पते से हरिजन शब्द हटाया जाएगा. राज्य के शिक्षा विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है और उन स्कूलों की सूची मांगी है जिनके नाम में हरिजन शब्द आता है. राज्य के माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों और समग्र शिक्षा अभियान (Holistic Education Campaign) के पदेन जिला परियोजना समन्वयकों को इस बारे में एक पत्र भेजा गया है.

इसमें अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने अधीनस्थ संचालित ऐसे राजकीय विद्यालयों (State Schools) के नाम संशोधन के प्रस्ताव जिलेवार समेकित कर भेजें ताकि समेकित प्रस्ताव स्वीकृति के लिए आगे सरकार को भिजवाए जा सकें.

यह भी पढ़ें : अलवर: स्कूल की बच्चियों ने लगाया वार्डन के पति पर छेड़छाड़ का आरोप, मामला दर्ज

माध्यमिक शिक्षा के निदेशक नथमल डिडेल ने भाषा को बताया कि राज्य के सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला समग्र शिक्षा अभियान के समन्वयकों को एक पत्र लिखकर ऐसे प्रस्ताव मांगें गये है कि राज्य में ऐसे कितने स्कूल है जिनके नाम में 'हरिजन' शब्द का प्रयोग किया गया है.

इसमें नाम परिवर्तन के लिये सरकार अपनी स्वीकृति प्रदान करेगी. किसी नाम में संशोधन करने के लिये सरकार स्वीकृति देती है. अंबेडकर शिक्षा सदन समिति लूणकरणसर सहित कुछ संस्थाओं ने सरकारी स्कूलों के नाम में हरिजन शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए इसे हटाने की मांग की थी. इन संस्थाओं ने हरिजन शब्द के इस्तेमाल को असवैंधानिक बताया है.

डिडेल ने बताया कि श्रीगंगानगर में एक विद्यालय का नाम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरिजन बस्ती (श्रीगंगानगर) लिखा हुआ है. इस विद्यालय का नाम बदलने के लिये ज्ञापन मिलने के बाद हमने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयकों के लिए परिपत्र निकाला है. अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी जिले में ऐसा कोई स्कूल है तो इसके संबंध में जानकारी दें.

उन्होंने बताया कि ऐसे राजकीय विद्यालयों के नाम में परिवर्तन किया जाये या नहीं किया जाये इस बारे में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के पास से प्रस्ताव सरकार के पास भिजवाया जायेगा और सरकार ही इस पर निर्णय लेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में मेरे ध्यान में ऐसा कोई स्कूल नहीं है जिनके नाम में 'हरिजन' शब्द का प्रयोग किया गया है.

आम तौर पर राजकीय स्कूलों के नाम के साथ देश के किसी महान व्यक्ति, स्वतंत्रता सेनानी अथवा किसी शहीद का नाम जुड़ा होता है, लेकिन लोगों को स्कूल के नाम के साथ उसके पते में भी 'हरिजन' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति है. अम्बेडकर शिक्षा सदन समिति बीकानेर की ओर से 11 सितम्बर को भेजे गए ज्ञापन के अनुसार राज्य क्षेत्र में ऐसे कई राजकीय विद्यालय ऐसे है जिनके साथ हरिजन बस्ती/हरिजन मोहल्ला का उल्लेख किया गया है.

ज्ञापन में बताया गया है कि हरिजन शब्द संवैधानिक शब्द नहीं है. यह दलित समाज के मान सम्मान के विरूद्व है तथा इस वर्ग के लोगों में हीनभावना पैदा करता है.

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को लिखे पत्र में बताया गया है कि हरिजन शब्द संवैधानिक नहीं होने के कारण ऐसे राजकीय विद्यालयों के नाम/पते से हरिजन शब्द हटाया जाना आवश्यक है. इनमें ऐसे राजकीय माध्यमिक/राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जो हरिजन बस्ती/ हरिजन मोहल्ला नाम से संचालित है या ऐसे भी राजकीय विद्यालय संचालित हो सकते है जिनके नाम के साथ 'हरिजन' शब्द जुड़ा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 29, 2019 12:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).