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रेमडेसिविर नहीं मिलने से गुस्साए लोगों का चक्काजाम, बंद दवा दुकान के बाहर पुलिस तैनात

कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर दवा के इंजेक्शन नहीं मिलने से आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार को यहां बंद दवा दुकान के सामने मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया.

रेमडेसिविर नहीं मिलने से गुस्साए लोगों का चक्काजाम, बंद दवा दुकान के बाहर पुलिस तैनात
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits: pxhere)

इंदौर (मध्यप्रदेश), 9 अप्रैल : कोविड-19 (COVID 19) के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर (Remadecivir) दवा के इंजेक्शन नहीं मिलने से आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार को यहां बंद दवा दुकान के सामने मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया. इसके बाद दवा दुकान के बाहर पर्याप्त तादाद में पुलिस तैनात कर दी गई. चश्मदीदों ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के परिजन रेमडेसिविर के इंजेक्शन मिलने की उम्मीद में दवा बाजार की एक दुकान के सामने सूर्योदय के बाद से डट गए थे. लेकिन संचालक ने दुकान ही नहीं खोली. दवा दुकान के बंद दरवाजे पर पोस्टर चिपका था- "रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है." चश्मदीदों के मुताबिक जब देर तक दवा दुकान नहीं खुली, तो इसके बाहर बड़ी संख्या में जमा लोगों के सब्र का बांध एकाएक टूट गया और उन्होंने मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया.

संयोगितागंज पुलिस थाने के प्रभारी राजीव त्रिपाठी ने बताया, "कोविड-19 के मरीजों के परिजनों ने कुछ लोगों के बरगलाए जाने पर दवा दुकान के सामने मुख्य सड़क पर कुछ देर के लिए रास्ता रोका था. लेकिन हमने उन्हें समझा-बुझा कर जल्द ही चक्काजाम खत्म करा दिया." मौके पर तैनात थाना प्रभारी ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप नहीं आने से संचालक ने शुक्रवार सुबह दवा दुकान नहीं खोलने का फैसला किया. बहरहाल, जल्द से जल्द रेमडेसिविर इंजेक्शन हासिल करने के लिए कोविड-19 मरीजों के परिजनों की बेचैनी इस बात से समझी जा सकती है कि सुबह से दवा दुकान बंद होने के बावजूद वे वहां डटे दिखाई दिए. यह भी पढ़ें : Delhi Women’s Commission: दिल्ली महिला आयोग ने करोल बाग से झारखंड की नाबालिग लड़की को रेस्क्यू करवाया

इन लोगों में शामिल अमन गड़बड़ी (21) अपनी संक्रमित मां के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने आए थे. लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी. गड़बड़ी ने बताया, "मैं शुक्रवार सुबह छह बजे से दवा दुकान के बाहर कतार में लगा हूं, जबकि दुकान संचालक ने मेरे पिता को बृहस्पतिवार को टोकन देकर भरोसा दिलाया था कि हमें रेमडेसिविर इंजेक्शन मिल जाएगा." आक्रोशित महाविद्यालयीन छात्र ने कहा, "अधिकारी हमसे कह रहे हैं कि अभी जब रेमडेसिविर इंजेक्शन है ही नहीं, तो इसे कैसे प्रदान किया जा सकता है. क्या हमने यही बात सुनने के लिए सरकार चुनी थी?"

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 09, 2021 02:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).