देश

‘विकसित भारत’ की यात्रा एक साझा राष्ट्रीय मिशन: वित्त मंत्री सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने की देश की यात्रा महज एक आकांक्षा नहीं है, बल्कि समावेशी, सस्टेनेबल और इनोवेशन से जुड़े विकास के दृष्टिकोण से संचालित एक साझा 'राष्ट्रीय मिशन' है.

‘विकसित भारत’ की यात्रा एक साझा राष्ट्रीय मिशन: वित्त मंत्री सीतारमण
Credit-(ANI )

नई दिल्ली, 22 अप्रैल : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने की देश की यात्रा महज एक आकांक्षा नहीं है, बल्कि समावेशी, सस्टेनेबल और इनोवेशन से जुड़े विकास के दृष्टिकोण से संचालित एक साझा 'राष्ट्रीय मिशन' है. अमेरिका में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के हूवर इंस्टीट्यूशन में अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जो हमारी बढ़ती ताकत को दिखाता है.

उन्होंने ‘विकसित भारत की नींव रखना, 2047 तक विकसित भारत’ शीर्षक से अपने मुख्य भाषण के दौरान उपस्थित लोगों से कहा, "कोरोना महामारी और बैंकिंग संकट के बावजूद, पिछले एक दशक में हमारी प्रगति, मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादों और स्थिर सुधारों पर आधारित है, जो हमें आगे की राह के लिए आत्मविश्वास और दिशा प्रदान करती है." यह भी पढ़ें : पश्चिम बंगाल: शिक्षकों का एसएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन जारी, आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत में किए गए कुछ काम शानदार रहे हैं, जिसका एक उदाहरण डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) और इसकी सफलता है. वित्त मंत्री ने कहा, "डीपीआई का इस्तेमाल कर एक अरब से अधिक डिजिटल पहचान बनाई गई हैं. इन डिजिटल पहचानों का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खाते बनाए गए और कोविड-19 महामारी के दौरान एक बटन क्लिक करने के साथ सरकार ने पैसे ट्रांसफर किए. इसके अलावा, डीपीआई कोविड 19 महामारी के दौरान वैक्सीनेशन में भी मददगार साबित हुई."

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, "अगले दो दशकों में भारत की विकास गति को बनाए रखने के लिए साहसिक सुधारों, मजबूत घरेलू क्षमताओं, नए संस्थागत साझेदारियों और उभरते वैश्विक परिदृश्य के अनुकूल रणनीतियों पर आधारित एक नए दृष्टिकोण की जरूरत है."

उन्होंने जोर देकर कहा कि जैसे-जैसे हम विकसित भारत की नींव रख रहे हैं, हमें वर्तमान वास्तविकताओं को नजरअंदाज किए बिना दीर्घकालिक लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए. वैश्विक व्यवस्था बदल रही है. चुनौतियों के साथ अवसर भी बने हुए हैं. हमें चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए और इन चुनौतियों का लाभ उठाना चाहिए.

वित्त मंत्री ने कहा, "विकसित भारत का निर्माण न केवल सरकार द्वारा बल्कि प्रत्येक नागरिक के सामूहिक प्रयास से होगा." उन्होंने कहा, "घरेलू विनिर्माण के विकास के लिए छोटे और मध्यम उद्यमों का एक संपन्न नेटवर्क जरूरी है." केंद्रीय वित्त मंत्री के अनुसार, "सरकार ने एमएसएमई को समर्थन देने के लिए कई पहल की हैं, जिसमें ऋण तक पहुंच को आसान बनाना, बड़े खरीदारों से शीघ्र भुगतान की सुविधा प्रदान करना और अनुपालन बोझ को सरल बनाना शामिल है."

अप्रैल 2022 में लॉन्च 'ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स' ने 616 शहरों में 7,64,000 से अधिक विक्रेताओं को सफलतापूर्वक जोड़ा है. वित्त मंत्री ने कहा, "हमारा अगला ध्यान विनियामक बोझ को कम करना, अप्रूवल को डिजिटल बनाना और एमएसएमई को ग्लोबल वैल्यू चैन में इंटीग्रेट करना है. महिलाओं के नेतृत्व वाले और ग्रामीण उद्यमों को विशेष समर्थन आर्थिक अवसरों को बढ़ाने में मदद करेगा."

वित्त मंत्री ने आगे कहा, "पिछले एक दशक में, हमने स्ट्रक्चर से जुड़े सुधार किए हैं, व्यावसायिक कानूनों को अपराधमुक्त किया है और सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल बनाया है. विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा व्यवसाय सुधार कार्य योजना को लागू करने के हमारे अनुभव ने प्रदर्शित किया है कि विनियमन में ढील औद्योगिक विकास के लिए एक शक्तिशाली माध्यम है."

इंडियास्पोरा और बीसीजी की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत के पहली पीढ़ी के प्रवासियों ने 2018 और 2023 के बीच 72 यूनिकॉर्न की स्थापना की. इनकी वैल्यूएशन कम से कम 195 बिलियन अमरीकी डॉलर थी और इनमें लगभग 55,000 लोग कार्यरत थे.

वित्त मंत्री ने कहा, "भारत के 65 प्रतिशत से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) का मुख्यालय अमेरिका में है. ये जीसीसी आरएंडडी, मैनेजमेंट, कंसल्टिंग और ऑडिटिंग में हाई-वैल्यू एडेड और बेस्ट सर्विस देते हैं. जबकि, अमेरिका एक मैच्योर स्टार्टअप हब है, जो 50-60 वर्षों में विकसित हुआ है, वहीं, भारत की स्टार्टअप यात्रा अभी शुरुआती दौर में है."

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2025 02:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).