TMC Property Tax Hike: ठाणे में प्रॉपर्टी टैक्स में भारी बढ़ोतरी, TMC ने 12 से 20 प्रतिशत तक दरें बढ़ाने के प्रस्ताव को दी मंजूरी
ठाणे महानगरपालिका (TMC) ने मालमत्ता करात १२ से २० प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों पर कर का बोझ बढ़ेगा. फैसले को लेकर भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने तीखा विरोध व्यक्त किया है.
TMC Property Tax Hike: ठाणे महानगरपालिका (TMC) की आम सभा में सोमवार को संपत्ति कर (Property Tax) में बड़ी बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. आठ वर्षों के अंतराल के बाद हुए इस संशोधन के तहत अब ठाणे के निवासियों को आवासीय संपत्तियों पर 12 प्रतिशत और गैर-आवासीय (व्यावसायिक) संपत्तियों पर 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त संपत्ति कर देना होगा. इसके साथ ही नगर निकाय ने संपत्तियों के हस्तांतरण शुल्क (Transfer Fees) की गणना भी स्क्वायर-फिट की पुरानी व्यवस्था के बजाय सरकारी बाजार मूल्य के 0.5 प्रतिशत के आधार पर करने का निर्णय लिया है.
नगर निगम को 104.67 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस कर संशोधन से टीएमसी को प्रतिवर्ष लगभग 104.67 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है. इसमें आवासीय संपत्तियों से 63.07 करोड़ रुपये और गैर-आवासीय क्षेत्र से 41.60 करोड़ रुपये शामिल हैं.
इस बढ़ोतरी के बावजूद, कुछ वर्गों के लिए राहत बरकरार रखी गई है:
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छोटों घरों को राहत: 500 वर्ग फीट तक के आवासीय घर के मालिकों को सामान्य संपत्ति कर घटक में 100 प्रतिशत छूट मिलती रहेगी.
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पूर्व सैनिकों को छूट: पूर्व सैनिकों के लिए उपलब्ध मौजूदा कर छूट की व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी.
वित्तीय घाटा पाटने की कवायद
वर्तमान में टीएमसी को संपत्ति कर से सालाना लगभग 768.42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में संपत्ति कर संग्रह का लक्ष्य 1,600 करोड़ रुपये रखा गया था. शिवसेना कॉर्पोरेटर और सदन के नेता हनुमंत जगदाले ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि नगर निगम को मौजूदा वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था. उन्होंने कहा कि उच्च राजस्व से शहर में और अधिक विकास कार्य कराए जा सकेंगे.
राजनीतिक विरोध और आम जनता का असंतोष
प्रस्ताव पास होने के बाद से ही विपक्षी दलों ने टीएमसी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:
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भाजपा का रुख: डिप्टी मेयर कृष्णा पाटिल और भाजपा गुट के नेताओं का आरोप है कि यह प्रस्ताव बिना किसी पर्याप्त चर्चा के पारित किया गया. लोकसत्ता की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि वे इस बढ़ोतरी के विरोध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखेंगे. पार्टी का कहना है कि कर बढ़ाने के बजाय टीएमसी को पहले से बकाया 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के संपत्ति कर की वसूली पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
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एनसीपी (शरदचंद्र पवार) का रुख: एनसीपी (एसपी) के जिलाध्यक्ष मनोज प्रधान ने फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब नगर निगम बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह विफल रहा है, तब नागरिकों पर कर का अतिरिक्त बोझ डालना सरासर अन्याय है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, फैसला वापस न लेने पर पार्टी ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है.
दूसरी ओर, शहर के आम नागरिकों ने खराब सड़कों, जल संकट और कचरा प्रबंधन की समस्याओं का हवाला देते हुए इस समय कर बढ़ाने के औचित्य पर सवाल खड़े किए हैं.